रुड़की में चोैदह युवक ले रहे वृद्धावस्था पेंशन का लाभ

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उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग में घोटालों और घपलों को लेकर विभाग विवादित बना हुआ है। उत्तराखंड में कभी मुर्दे पेंशन ले रहे हैं तो कभी जवान युवक। आखिर विभाग के अंदर चल क्या रहा है इस पर बहस हो रही है, आखिर समाज कल्याण विभाग हरिद्वार के अन्तर्गत ये गड़बड़झाला क्यों? सरकारी पैसों को ठिकाने लगाने के लिए विभाग के अधिकारियों व जनप्रतिनिधि द्वारा इस खेल की पोल खुल चुकी है और जांच में यह भी साफ हो चुका है कि गड़बड़झाला हुआ है।

मिर्जापुर-मुस्तफाबाद में एएसडीएम की जांच में पकड़ा गया मामला, अब तक पेंशन के रूप में ले चुके हैं 6.72 लाख रुपये। हरिद्वार जिले के अन्तर्गत 35 साल के युवा वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं विभाग और प्रधान की मिलीभगत से करोड़ों का बजट ठिकाने लगाया जा रहा है लेकिन शासन-प्रशासन गहरी नींद में सोये हुए हैं खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच करने की बात हो रही है।

मिर्जापुर-मुस्तफाबाद में सामने आया है। वृद्धावस्था पेंशन में फर्जीवाड़े की शिकायत नफीस और इसरा की ओर से प्रशासन से की गई थी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश पर एएसडीएम गोपाल सिंह चोैहान ने जांच की। एएसडीएम ने बताया कि 2010 से 2015 के बीच की पेंशन की जांच की गई। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 14 फर्जी मामले पकड़े गए। परिवार रजिस्टर के आधार पर इनकी उम्र की जांच की गई। इसमें 35 साल तक के युवाओं की वृद्धावस्था पेंशन लगी थी जबकि वृद्धावस्था पेंशन 60 साल से अधिक की उम्र में लगती है। एएसडीएम ने अपनी रिपोर्ट ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंप दी है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पात्रों को वर्तमान में एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल रही है।

नहीं मिले पूरे रजिस्टर
जांच के दौरान एएसडीएम को पूरे परिवार रजिस्टर नहीं मिल पाए। एएसडीएम ने बताया कि कुछ नए रजिस्टर बनाए गए थे। जिससे की पूरे मामले में पर्दा डाला जा सके। इस मामले में बीडीओ को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

पहले भी पकड़ा गया था पेंशन का फर्जीवाड़ा
पेंशन फर्जीवाड़े का मामला पहले भी सामने आया है। 2012-13 में प्रशासन ने जिला स्तरीय अधिकारियों से पेंशनरों का सत्यापन कराया था। जिले में करीब 4500 फर्जी पेंशनर पकड़े गए थे। पेंशन लगवाने में नेता-अफसरों की सांठगांठ होती है। लिहाजा यह मामला दब गया था।

प्रस्ताव के बाद ही मिलती है पेंशन
वृद्धावस्था पेंशन के लिए प्रस्ताव ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव की ओर से आता है। एडीओ समाज कल्याण सोमपाल सिंह ने बताया कि प्रस्ताव के बाद विभाग की ओर से पेंशन दी जाती है। कुछ समय पूर्व एडीओ ने भी इस गांव में जांच की थी।

गोपाल सिंह चोैहान, एएसडीएम
परिवार रजिस्टर की जांच के दौरान पाया गया कि 35 साल तक के 14 लोगों की वृद्धावस्था पेंशन बना दी गई। जांच रिपोर्ट तैयार करने के साथ बीडीओ को मुकदमा दर्ज कराने को कहा गया है।

देखना यह है कि कब तक यह पैसा विभाग इनसे वसूलता है यह अभी भविष्य के गर्भ में है।

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