चम्बा के स्वाडी गांव में 47 वर्षीय किसान राजकुमार ने की आत्महत्या


उत्तराखंड /देहरादून/ चम्बा
किसानों को अत्महत्या करना देवभूमि का कलंक
सूब में किसान आत्महत्या क्योँ कर रहे हैं ?इस सवाल का जबाब किसीके के पास नहीं है लगातार हो रहे किसानों की आत्महत्या ने प्रदेश सरकार पर सवाल खड़ा कर दिया है ? उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखण्ड चम्बा के स्वाडी गांव में 47 वर्षीय किसान राजकुमार द्वारा बैंकों के कर्ज के दबाव में की गई आत्महत्या पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इस घटना को देवभूमि उत्तराखण्ड पर कलंक बताया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल जिसमें प्रदेश प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट, नरेन्द्र रमोला, राजेश्वर बडोनी एवं साहब सिंह सजवाण शामिल हैं, को स्वाडी गांव भेज कर घटना की विस्तृत जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को देने को कहा है।
कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने किसान की आत्महत्या पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए ऐसी घटनाओं को उत्तराखण्ड राज्य को शर्मसार करने वाली बताया है। प्रीतम सिंह ने सरकार से घटना का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को शीघ्र राहत पहुंचाने की मांग की है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां के किसानों की खेती वर्षा जल पर ही निर्भर रहती है तथा अधिक बारिश एवं ओलावृष्टि होने के कारण यहां के किसानों की सब्जी, फल सहित सभी फसलें पूर्ण रूप से बर्बाद हो जाती हैं। ऐसी परिस्थितियो में बैंकों तथा सहूकारों से लिया गया कर्ज लौटाने में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा बार-बार कर्ज वसूली के लिए बनाया जा रहा दबाव किसानों को आत्महत्या के लिए प्रेरित कर रहा है। प्रीतम ​सिंह ने कहा कि बैंकों द्वारा जिस प्रकार किसानों पर कर्ज लौटाने के लिए विभिन्न माध्यमों से दबाव बनाया जा रहा है तथा उसके बाद किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ रहा है यह निन्दनीय है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में भी किसानों के कर्ज माफ करने का वायदा किया था। लेकिन अब सरकार उससे विमुख होती जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में समय-समय पर हुई अतिवृष्टि तथा आपदा को देखते हुए उत्तराखण्ड राज्य के किसानों का सम्पूर्ण ऋण शीघ्र माफ किया जाना चाहिए।

जिले के चंबा ब्लॉक के स्वाड़ी गांव में कर्ज में डूबे एक किसान ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। मृतक किसान की पत्नी का कहना है कि बैंक बार-बार कर्ज चुकाने के लिए दबाब बना रहा था, जिसके चलते किसान काफी समय से तनाव में था। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के निर्देश पर कांग्रेस की एक टीम ने प्रदेश प्रवक्ता शान्ति प्रसाद भट्ट के नेतृत्व मे मृतक किसान राजकुमार के घर जाकर परिवार को ढांढस बधवाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
बताया जा रहा है कि मृतक किसान राजकुमार बुधवार से घर नहीं लौटा तो परिजनों को लगा वो किसी दोस्त के घर रूक गया होगा। लेकिन जब वह गुरूवार को भी घर नहीं आया तो परिवार वालों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर तलाश शुरू की। जिसके बाद किसान का शव खेत में पड़ा मिला, शव के मुंह से झाग निकल रहा था। मृतक किसान का शव मिलने पर ग्राम प्रधान ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मृतक की पत्नी से पूछताछ करने पर पता चला की राजकुमार ने दो बैंकों से 65 हजार का कर्ज ले रखा था। जिसे चुकाने को लेकर बैंक लगातार किसान पर दबाव बना रहा था, जिसके कारण मृतक किसान तनाव में था। प्रदेश में कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। उत्तराखंड में दो महीने के भीतर कर्ज में डूबे पांच किसानों की मौत हो चुकी है, इसमें से तीन ने आत्महत्या की, जबकि दो किसानों की हार्ट-अटैक से मौत हुई। गढ़वाल में किसान की आत्महत्या का यह पहला मामला है। वहीं मामले पर टिहरी की जिलाधिकारी सोनिका ने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है और अगर ऐसा कुछ हुआ है तो मामला संवेदनशील है। लेकिन जांच से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है। बता दें कि इससे पहले भी सूब में किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकार की नींद उड़ा दी है।

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