मुख्यमंत्री ने किए डोबरा-चांटी पुल के लिए 76 करोड़ रुपये स्वीकृत

 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने टिहरी जिले के सेम मुखेम में सेम नागराजा के त्रिवार्षिक मेला एवं जात्रा का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार व बेइमानी पर लगाम लगाने के लिए दृढ़ संकल्प है. उन्होंने प्राकृतिक सौन्दर्य से सराबोर इस क्षेत्र को पर्यटन के रुप में विकसित करने तथा प्रतापनगर को जोड़ने वाले डोबरा-चांटी पुल के लिए 76 करोड रुपये स्वीकृत किए जाने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि इस पुल के निर्माण में आधुनिक तकनीक व गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा. इस अवसर पर उन्होने 42 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया साथ ही क्षेत्र के लिए अनेक योजनाओं की घोषणा भी की जिसमें कई मोटर मार्ग, पेयजल योजना शामिल है।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं में बिसातली से कठूली मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण, स्यांसू-भैंगा-चैंधार मोटर मार्ग पर हॉटमिक्स कार्य, इस क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करना, पीपलडाली-मोंटणा-मदननेगी के लिए उत्तराखण्ड परिवहन सेवा, मूडथाथ से थाथ गांव मोटर मार्ग का डामरीकरण, कोटी-रौल्या-पुजाड गांव मोटर मार्ग का निर्माण, गैरी ब्राम्हणों की-बुरांसखंण्डा, काण्डा-बसेली-थौलधार मोटर मार्गो का निर्माणध्डामरीकरण, पीपलडाडी-स्यांसू मोटर मार्ग पर बने पुल की सुरक्षा हेतु भारी वाहन अवरोधक, डोबरा-भल्डियांणा-चैधार मोटर मार्ग का निर्माण, खेट पर्वत के लिए पेजयल योजना की स्वीकृति, अग्रोडा, लम्ब गांव डिग्री कॉलेजों में जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर विज्ञान विषय खोले जाने की घोषणा शामिल है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 269.41 लाख से 4 किमी कोला-पथियाणा मोटर मार्ग का निर्माण, भौतलाखाल से गैरी ब्राम्हणों की तक 173.01लाख द्वितीय चरण के तहत 3 किलोमीटर सड़क निर्माण, 261.91 लाख रुपये से 3.8 किलोमीटर काण्डा खाल-सेरबधार मोटर मार्ग, 2108.01 लाख से सूरीधार ग्राम समूह पम्पिंग योजना का शिलान्यास किया. इसके अलावा 1350.40 लाख रुपये से बने 23 किलोमीटर कोडार-दीन गांव मोटर मार्ग पुनर्स्थापना का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने सेम मुखेम में सेम नागराजा के त्रिवार्षिक मेला एवं जात्रा का शुभारम्भ कर आम जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड सरकार सुदूर आंचलिक क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती सर्वोच्च प्राथमिकता से की जा रही है, वहीं शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ठोस नीति बना रही है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद में टेलीमेडिसन सेवा का शुभारम्भ करते हुए कहा कि वर्तमान में जनपद के 10 स्वास्थ्य उपकेन्द्रों को इससे जोड़ा गया है. आगामी जनवरी माह तक उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य होगा जहां पर टेली सेवाएं उपकरणों से लैस बैलून तकनीक के आधार दी जाएगी।

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