ए0 पी0 जे0 अब्दुल कलाम बदलाव योजना मैं डकार दिए 1लाख 28 हजार

सतेस्वर  प्रसाद   चमोली 

घोटालों पर रफा -दफा  करने  का  नया  तरीका  चमोली  जिले  के विकाशखंड जोशीमठ  के पोखनी  गांव  की महिला  प्रधान पति  ने खोज  निकाला है अगर  कोई  सुचना अधिकार  मैं  कुछ  भी  मांगे  तो  पत्रकार  को  क़ानूनी  नोटिस  भिजवा  दो ?एक  तरफ चोरी  और  दूसरी  तरफ सीनाजोरी  कहा  जाय तो  कोई  बुरा  नहीं  होगा ?गाँधी  ने कहा  था की  गांव  के विकास  से  देश  का  विकाश  संभव  हो  सकता  है लेकिन  यहाँ  उल्टा  हो  रहा  है ?सरकारी पैसों  को  ठिकाने  लगाने  के लिए  ग्राम  प्रधान द्वारा  नए तरीके  निकाले जा  रहे हैं ?और प्रधानो  द्वारा  दवाव  बनाया  जा  रहा  है ?की जाँच  न  की जाय , 24 अक्टूबर 217 / 3 नवम्बर का लिखे  जांच की मांग पर अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई पर ग्राम प्रधानों के द्वारा मुख्य विकास अधिकारी को लिखी चिट्ठी को जिला अधिकारी के माध्यम से सुचना महानिर्देशक को पंहुचा दी गयी। पत्रकार महोदय कोई संगीन अपराधों के आरोपी हो। संवाददाता  ने 29/05/2017 को लोक सूचना अधिकारी/ग्रामपंचायत-पोखनी जोशीमठ से 05 बिन्दुओं पर सूचनाएं मांगी थी तथा  सूचनाओं के प्रमाणित छायाप्रतियों के रूप मेंप्राप्तकरने के लिए ग्राम पंचायत   पोखनी हेतु रू0 2844/-दिनांक 26/09/2017 / 27/09/2017 को ग्राम पोखनी लांजी में कार्यो का  जांचने के लिए गये,
ज्ञात हुआ है कि जाँच ए0 पी0 जे0 अब्दुल कलाम बदलाव योजना वर्ष 2016-17 पोखनी में  सुरक्षा दीवार को धरातल पर निर्माण न होने की पुख्ता  जानकारी मिली जिसमें  प्राक्कलन रू0 128000.00 (एक लाख अठाइस हजार) कीस्वीकृत के एवज में रू0 84564.00 की 466 की नगद मजदूरी धनराशि को 10 ग्रामीण मजदूरों केदार सिंह, चन्द्रा देवी पत्नी केदार सिंह कु0 रेखा पुत्री केदार सिंह एक ही परिवार के रू0 24000.00 सेअधिक धनराशि इन ग्रामीण और बेबस मजदूरों के फर्जी हस्ताक्षर से धनराशि हड़फ की गयी अन्य मजदूर सूरज उसकी गोदाम्बरी देवी तथा अन्य दिनेश सिंह  ने भी मजदूरराशि न लेनें की बात की गयी।बुजुर्ग केदार सिंह तथा उनकी पत्नी बीमार पत्नी ने रो-रोकर भारीदुख जताया कि हमारे भाई प्रधान पति हमारे साथ धोखा दे रहेहै।तो औरो का क्या हाल होगा।इस प्रकार बूढ़े,गरीब,अज्ञानभो ले भाले ग्रामीण के नाम पर प्रधान पति ने कागजी घोड़े दौड़ाकर 84561.00 की मजदूरी धनराशि फर्जी  मस्ट्रोलों द्वारा गबन की गयीऔर 33000.00 के सीमेंन्ट खरीदऔर रेता ढुलान  आदि के फर्जीबिल बनाकर गबन की गयी।
अन्य  ग्राम पंचायत पोखनी  के अन्तर्गत लांजी गांव में महिला मिलन केन्द्र के लिए स्वीकृत रू015000.00 पेन्ट आदि के कार्य हेतु कार्य न  करवाकार ठिकाने लगायी गयी।ग्रामीणों ने बताया कि  राज्य वित के अंर्तगत 20,000.00 के कूडेदान भी नही वितरित  कियेगयें।जिसमें मात्र 05 बैग सीमेन्ट तथा 10 बैग रेत से गांठ सुधार के    कार्यभीकिये जा रहे है। यहाँ  यह प्रकरण पूर्णतया लिपापोती काहै  कि कार्यवाही के डरसे 2016-17 का कार्य एक साल बाद पूरा करने की लिपापोती कोअंजाम दिये जाने का कुप्रयास जारी है  जिसमें कर्णप्रयाग के सामगी विक्रेता हरिटेªडर्स के  द्वारा 150 बैगों सीमेन्ट के  बिना विक्री किये फर्जी विल    दिया गया है। जिला प्रशासन के द्वारा की  गयी  कार्यवाहीसे क्षुब्ध होकर ग्राम प्रधानों ने हस्ताक्षर कर  संवाददाताओं को  संगठित होकर डराने का प्रयास किया गया।ताकि घोटालों के विरूद्ध किसी भी कार्यवाही को  डरा धमकाकर चुप किया जा सके।फिर संवाददाता  ने दिनांक 3/11/2017 को जिला अधिकारी चमोली को आवेदन पत्र प्रेषित कर जांज की मांग की और प्रतिलिपि यामुख्य  विकास अधिकारी उप जिला अधिकारीजोशीमठ चमोली कोप्रतिलिपि सेमाध्यम  सेजांच हेतु अवगत कराया।जिस पर  क्षुब्ध होकर ग्राम  प्रधानों ने  (विकासखण्ड़ जोशीमठ ) उक्त संवाददाता के खिलाफ सूचना अधिकार लगाने , परेशान करने आदि की शिकायत की।विभाग प्रधानों की बात को मुख्य विकास अधिकारी जिला प्रशासन के द्वारा सुचना  महानिदेशक तक पहुँया तो सकतीहै पर घोटालों पर जांच की मांग का अभी तक दबाये बैठे है।इससे  प्रतीत होता है विकासखण्ड़ कार्यालय तथा ग्राम प्रधान मिलकर घोटालों में जांच की मांग का   विरोध का कुप्रयासत था सूचनाअधिकार की धार को कुंद करने के  कोशिश में संगठित होकर कार्य तोकर सकते है पर ग्राम प्रधानों को घोटालों के प्रतिकार्य न करने की  हिदायत देने में जी चुरा रहे हैंविकासखण्ड़  जोशीमठ  के ब्लाॅक प्रमुख प्रकाश रावत द्वारा संवाददाता को फोन पर ग्राम प्रधान को धमकाने की रिकार्डिंग    सुरक्षित है जिसमें   संवाददाता मात्र सूचना अधिकार शुल्क भेजने  कीजानकारी और कार्यों के  स्थलीय  निरीक्षण   में ग्राम सभा में उपस्थित रहने का अनुरोध  किया था।प्रदेश  की जीरो टोलोरेंस सरकार ग्राम प्रधानों के  द्वारा संगठित भ्रष्टाचार बढ़ावा देने के लिए सूचना अधिकार  की धार कुंद करने के कुप्रयास तथा पत्रकारों को भ्रष्टाचार के विरूद्ध कार्यवाही के लिए डराया धमकाया जाना औरमुख्य   विकास अधिकारी चमोली कार्यालय से उक्त  से शिकायत किये जाने पर प्रदेश सरकार से सीधे कार्यवाही मांगी जाती है कि लोकतंत्र  के चौथे कार्यवाही के  प्रयासों से डराए  जाने के कुप्रयास पर किस प्रकार की कार्यवाही हो सकती है। आखिर सवाल  उठता है प्रधान  की  जाँच  कब  होगी ?
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