सेब उत्तराखंड का और बिक रहा हिमाचल प्रदेश के नाम से

apple500


(शैलेंद्र गोदियाल)
सोलह साल हो गए उत्तराखंड बने, लेकिन आज भी यहां का सेब हिमाचल प्रदेश के नाम से बाजार में बिक रहा है। वजह इतनी सी है कि तमाम दावों के बावजूद सेब की पैकिंग के लिए हम अपनी पेटियां तैयार नहीं कर पाए। नतीजा, सेब उत्पादकों को न चाहते हुए भी हिमाचल की पेटियों में इसे बाहर भेजना पड़ रहा है। यानी सेब उत्तराखंड का और ब्रांडिंग हिमाचल की।

उत्तराखंड के सीमांत उत्तरकाशी जिले में सेब का उत्पादन 1960 के बाद से होता आ रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि हर वर्ष 15 हजार मीट्रिक टन क्षेत्र में सेब के बाग फैले हुए हैं। सेब की जितनी भी किस्में हैं, उन सभी के बाग आपको यहां मिल जाएंगे। लेकिन, अच्छा उत्पादन व अच्छी किस्म का सेब होने के बावजूद यहां के सेब को आज तक अपनी पहचान नहीं मिल पाई। देश के बड़े शहरों की मंडियों में यहां का सेब हिमाचल एप्पल का लोगो लगी पेटियों में जा रहा है। यहां तक कि उत्तरकाशी के लोकल बाजारों में भी यह हिमाचल की पेटियों में ही बिक रहा है।

असल में सेब उत्पादकों को उत्तराखंड एप्पल की ब्रांडिंग वाली पेटियां तो मिलती नहीं, सो मजबूरी में उन्हें इसकी पैकिंग हिमाचल की पेटियों में ही करनी पड़ती है। इस बार मोरी, आराकोट, जखोल, नौगांव व स्योरी का सेब तो पूरी तरह हिमाचल एप्पल का लोगो वाली पेटियों में ही बेचा गया। अब हर्षिल, धराली, सुक्की टॉप व बगोरी का सेब भी हिमाचल की पेटियों में बेचा जा रहा है। सेब उत्पादक रमेश सिंह नेगी बताते हैं कि उद्यान विभाग ने उत्तराखंड एप्पल का लोगो वाली पेटियां एक जुलाई से पहले उपलब्ध कराने का वादा किया था। लेकिन, आज तक इन पेटियों का पता नहीं है। ऐसे में सेब उत्पादकों को हिमाचल का लोगो वाली पेटी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।


उत्तरकाशी में सेब उत्पादन
जिले में सेब की पैदावार 15 हजार मीट्रिक टन, 15 लाख पेटियों की होती है सप्लाई
उत्तरकाशी में रॉयल डिलिस्स, रेड डिलिस्स सहित आठ किस्म के सेब का होता है उत्पादन
गंगा घाटी में हर्षिल, झाला, सुक्की, जसपुर, मुखबा, धराली, छोलमी आदि
यमुना घाटी में स्योरी, मोराल्टू, कोटियाल गांव, जखोल, सांकरी, आराकोट, नटवाड़ आदि

भेजी गई हैं दस हजार पेटियां
उत्तरकाशी के जिला उद्यान अधिकारी नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मोरी, स्यूरी, आराकोट का सेब निकल चुका है। हर्षिल घाटी का सेब अब निकल रहा है। ये सही है कि उत्तराखंड एप्पल का लोगो वाली पेटियां मोरी, स्यूरी व आराकोट के लिए उपलब्ध नहीं करा पाए। लेकिन, हर्षिल के सेब के लिए शुक्रवार को दस हजार पेटियां भेजी गई हैं।

Facebook Comments

Random Posts