भाजपा नेताओं का कुर्ता-पजामा ‘उतारेंगे’ गुड्डू लाल

 

 

दीपक फरस्वान

 

इस खबर की हैडिंग जितनीदिल चस्प है, इसके अंदर की बीच का है कि किस तरह गुड्डू लाल की भाजपा में घर वापसी कराई गई। उसके बाद उनका क्या अनुभव र कहानी उतनी ही रोचक। ये दास्तां है पिछले विधानसभा चुनाव में थराली सीटर्द से निलीय प्रत्याशी रहे गुड्डू लाल की जिन्होंने हाल ही में भाजपा में वापसी की है। घटनाक्रम बीते 27 अप्रैल से 30 अप्रैल केहा और अब किसी तरह के असमंजस से वह गुजर रहे हैं।

बकौल गुड्ड् लाल बीते 27 अप्रैल को बदरीनाथ के विधायक व भाजपा नेता महेन्द्र भट्ट का उन्हें फोन आया। फोन पर विधायक भट्ट ने गुड्डू लाल से कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने उन्हें मिलने के लिये देहरादून बुलाया है। गुड्डू लाल उसी दिन विधायक भट्ट के वाहन से देहरादून पहुंचे। रात्रि को विधायक हॉस्टल में विश्राम करने के बाद दूसरे दिन सुबह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धन सिंह रावत हॉस्टल में गुड्डू लाल से मिलने पहुंचे। धन सिंह की मौजूदगी में विधायक महेन्द्र भट्ट के निर्देश पर गुड्डू लाल के लिये नया कुर्ता-पजामा मंगवाया गया, जिसका भुगतान विधायक भट्ट ने किया। नया कुर्ता पजामा पहनकर गुड्डू मंत्री धन सिंह और विधायक भट्ट के साथ सीएम आवास पहुंचे जहां मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पहले से ही मौजूद थे। इन दोनों ने ही अपने हाथों से गुड्‍डू लाल को मिठाई खिलाई और कहा कि आपका भाजपा में स्वागत है। महज पन्द्रह मिनट की मीटिंग में गुड्डू लाल की भाजपा में वापसी पर सहमति बन गई। सहमति के तहत भाजपा ज्वाइन करने की एवज में गुड्डू लाल ने थराली विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं से सम्बंधित सात सूत्रीय एक ज्ञापन सीएम को सौंपा। इसके बाद शाम को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष भटट ने विधिवत भाजपा ज्वाइन करवाई। भाजपा ज्वाइन करने के बाद गुड्डू लाल 29 अप्रैल को घाट पहुंचे तो उनके स्वागत में भाजपा का एक भी कार्यकर्ता मौजूद नहीं था। उल्टा उनके अपने समर्थकों ने भी यह कहकर मुंह फुला लिया था कि वह उनकी राय लिये बगैर भाजपा में कैसे चले गये। गुड्डू के मुताबिक उन्हें लग रहा है कि वह भाजपा की चाल में फंस चुके हैं। अब वह घर के रहे न घाट के। उसे दिन के बाद भाजपा के बड़े नेता भी उनसे सम्पर्क नहीं कर रहे हैं। और न ही सीएम की ओर से उनकी सात सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस आश्वासन दिया गया है। अब भाजपा से भाव न मिलने से व्यथित गुड्डू सोमवार को घाट में अपने समर्थकों के साथ मीटिंग करने जा रहे हैं, जिसमें वह उपचुनाव में फिर से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी ताल ठोकने का ऐलान कर सकते हैं। गुड्डू का कहना है कि वह ससम्मान भाजपा को उसके नेताओं का बनाया कुर्ता पजामा लौटाने का मन बना चुके हैं।

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