सीएम ने पहली महिला जिला सहकारी बैंक की शाखा का किया उद्घाटन

आज पूरी दुनिया कोऑपरेटिव या कॉर्पोरेट की ओर जा रही है। हमारी खेती भी कोरपोरेट या कोऑपरेटिव हो रही है। छोटी-छोटी जोत तथा लोगों द्वारा खेती छोड़ने के कारण कोऑपरेटिव फार्मिंग का प्रचलन बढ़ रहा है। राज्यवासियों का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि हमें अपनी खेतीबाड़ी की परंपरा को बनाए रखना होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को टी एस्टेट बंजारावाला में देहरादून के पहले महिला जिला सहकारी बैंक की शाखा का उद्घाटन किया। सहकारिता विभाग उत्तराखंड को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि एक बैंक सिर्फ विशेषरुप से महिलाओं द्वारा संचालित होगा। निश्चित रुप से इसके अच्छे परिणाम आएंगे। सहकारिता का भविष्य उज्ज्वल है। आज पूरी दुनिया कोऑपरेटिव या कॉर्पोरेट की ओर जा रही है। हमारी खेती भी कोरपोरेट या कोऑपरेटिव हो रही है। छोटी-छोटी जोत तथा लोगों द्वारा खेती छोड़ने के कारण कोऑपरेटिव फार्मिंग का प्रचलन बढ़ रहा है।
राज्यवासियों का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि हमें अपनी खेतीबाड़ी की परंपरा को बनाए रखना होगा। खेती को कॉर्पोरेट, कॉन्ट्रैक्ट या कोऑपरेटिव किसी भी माध्यम से जिंदा रखना होगा। खेती छोड़ने से पर्यावरण को भी हानि होती है। हमारे पूर्वज उन्नत व मेहनती किसान थे। जिन्होंने विषम पर्वतीय क्षेत्रो तथा तेज ढालो पर खेत बनाएं। राज्य के कुछ जिलों में लिंगानुपात कम होने पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि यदि मां ताकतवर है तो बच्चियों की हत्या नहीं होगी। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि एक और हम महिला बैंक, महिला आरक्षण तथा महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं तो दूसरी और कुछ जिलों में लिंगानुपात कम हुआ है।
देवभूमि उत्तराखंड तथा यहां के देव स्थानों का देश और दुनिया में अत्यंत सम्मान व गौरव है। हमारा यह दायित्व है कि हम उत्तराखंड की पहचान को बनाकर रखें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि सहकारिता मात्र बैंकिंग क्षेत्र के लिए ही नहीं है बल्कि हमें अपने गांवो, देवी देवताओं, रीति रिवाजो और परंपराओं से भी जुड़े रहना होगा। यह भी एक सामाजिक सहकारिता है। मुख्यमंत्री ने महिला जिला सहकारी बैंक बंजारावाला के सभी महिला अधिकारियों व कर्मियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब आप को सिद्ध करना है कि आप सर्वोत्तम है। हम चाहते हैं कि हर पंचायत, ब्लॉक, तहसील तथा नगर में महिला बैंक हो।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के निर्देश पर सरकार द्वारा 45 करोड़ रुपए सहकारिता हेतु दिए गए हैं। हमने 1000 करोड़ रुपए अनुसूचित बैंकों में रखने का निर्णय लिया है। सहकारी बैंकों द्वारा एक लाख तक का ऋण 2 प्रतिशत ब्याज पर प्रदान किए जाएंगे। आर्थिक रुप से कमजोर छात्रों को अच्छी शिक्षा हेतु 8 प्रतिशत ब्याज पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। विधायक मेयर विनोद चमोली ने कहा कि सहकारी बैंक आपका अपना बैंक है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के नेतृत्व में राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए हर संभव मदद करेगी।
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