हार्दिक पटेल के आगे घुटने टेकने को मजबूर है कांग्रेस

दो चरणों में होने जा रहे गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर दो प्रमुख पार्टियां कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने हैं। गुजरात क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है ऐसे में भाजपा वहां किसी भी कीमत पर चुनाव नहीं हारना चाहेगी, जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस की पुरजोर कोशिश भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने की है। लेकिन कांग्रेस को गुजरात में सत्ता का स्वाद चखे दो दशक से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। यही वजह है कि कांग्रेस अपने किले को मजबूत करने के लिए लगातार उन सारी तिकड़मों की जोर आजमाइश करनी पड़ रही है, जिससे वह सत्ताधारी दल को पटखनी दे सके।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मीम अफजल ने दैनिक जागरण से खास बातचीत में यह दावा किया कि इस बार गुजरात के चुनाव में उनके पार्टी की जिस तरह की रणनीति है उसको देखते हुए ऐसा लगता है कांग्रेस इस बार भारी तादाद में सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी। आइये जानने का प्रयास करते हैं हार्दिक पटेल की वो कौन सी मांगें हैं जिसे कांग्रेस मानने को हुई मजबूर और भाजपा के गढ़ में घेरने को कांग्रेस के पास हैं वो कौन-कौन से तीर? कांग्रेस ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की पांच में से चार मांगों पर सहमति जताई है। लेकिन, पाटीदारों को आरक्षण देने के फार्मुले पर सात नवंबर तक का वक्त मांगा है। हार्दिक ने कहा कि सूरत में अब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सभा का विरोध नहीं करेंगे। सिर कटा लेंगे पर भाजपा का समर्थन भी नहीं करेंगे।

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