डटे हैं और डटे रहेंगे अतिथि शिक्षक

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प्रदेश सरकार ने आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उनका अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया था लेकिन आज गुरुवार को शंखनाद टुडे टीम ने जब अतिथि शिक्षकों से बातचीत की तो उनका कहना था कि हम डटे हैं और डटे रहेंगे। उन्होंने प्रदेश के मुखिया हरीश रावत को कहा कि हरीश वह शब्द होता है, जिसे गढ़वाली में फलने-फूलने को कहते हैं लेकिन हमें अभी भी आशा है कि प्रदेश के मुखिया हरीश रावत अतिथि शिक्षकों के लिए रास्ता निकालेंगे।

प्रदेश सरकार ने आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षकों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए उनके अनुबंध को तत्काल प्रभाव से खत्म करने के निर्देश दिए हैं और इन शिक्षकों को हटाकर इनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची से नए शिक्षक रखने को कहा है साथ ही सरकार ने तबादलों पर भी रोक लगा दी है।

गौरतलब है प्रदेश में बोर्ड की परीक्षा होने वाली है। ऐसे में शिक्षक छात्रों के भविष्य के बारे में सोचे बिना आंदोलन कर रहे हैं। इस बात को शिक्षामंत्री ने काफी गंभीरता से लिया और आंदोलन करने वाले शिक्षकों की पहचान कर उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में एलटी और प्रवक्ता के रिक्त छह हजार से ज्यादा पदों पर अतिथि शिक्षक कार्य कर रहे हैं। लिखित परीक्षा से चयनित एलटी शिक्षकों की हाईकोर्ट के आदेश पर नियुक्ति के चलते बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षकों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया था। इसके विरोध में अतिथि शिक्षक सड़कों पर आ गए थे।

बाद में सरकार ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति 31 मार्च, 2017 तक जारी रखने का आदेश जारी किया। वर्तमान में अतिथि शिक्षक शिक्षा महकमे में स्थाई समायोजन की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। इन शिक्षकों के समायोजन के लिए महकमे ने अल्पकालिक शिक्षक भर्ती सेवा नियमावली का मसौदा भी तैयार किया, लेकिन इस मसौदे को मंत्रिमंडल की सैद्धांतिक सहमति ही मिल पाई। मंत्रिमंडल की विधिवत मंजूरी नहीं मिलने और स्थाई समायोजन का रास्ता तैयार नहीं होने से खफा अतिथि शिक्षक उग्र आंदोलन का रुख अपनाए हुए हैं।

इन शिक्षकों का आंदोलन जारी रहने के चलते सरकार के सब्र का बांध अब टूट गया है और सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। अस्थाई व्यवस्था के तहत अनुबंध पर लगे इन शिक्षकों का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त करने और इनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची से नए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश अपर मुख्य सचिव शिक्षा डा. रणबीर सिंह ने बुधवार को जारी किया। आदेश के मुताबिक आंदोलन की अवधि के वेतन का भुगतान भी अतिथि शिक्षकों को नहीं किया जाएगा लेकिन हरीश रावत सरकार से नाराज अतिथि शिक्षक एक तरफ अपनी आस लगाए बैठे हैं और दूसरी तरफ सरकार और न्यायालय ने उन्हें फटकार लगाई है।

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