देवभूमि में शीतलहर, चंबा-मसूरी मार्ग अभी भी बंद

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उत्तराखंड में चारधाम समेत तमाम चोटियां बर्फ से लकदक हैं। इसके साथ ही समूचे सूबे में बर्फीली बयार हलकान तो कर ही रही है, हिमपात से दुश्वारियां भी बरकरार हैं। भारी बर्फबारी से बाधित चंबा-मसूरी मार्ग तीन बाद भी यातायात के लिए नहीं खुल पाया है। जौनसार बावर क्षेत्र में त्यूणी-चकराता समेत 11 मार्ग बंद हैं। इससे 50 से अधिक गांवों की आबादी प्रभावित हुई है। इस बीच सोमवार को बदरीनाथ धाम में हल्की बर्फबारी हुई, जबकि दून सहित कुछ क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादलों का बसेरा रहा।
मौसम की बदली करवट के साथ ही शुक्रवार से रविवार तड़के तक हुई बर्फबारी से चारधाम समेत गढ़वाल व कुमाऊं मंडल की चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ी हुई है। मौसम के इस रुख के बाद सूबे में ठिठुरन खासी बढ़ गई है। सर्द हवा के थपेड़े दिनभर हलकान कर रहे हैं। यही नहीं, दुश्वारियां भी बरकरार हैं। भारी बर्फबारी के कारण चंबा-मसूरी मार्ग बुरांसखंडा-धनोल्टी के बीच और कदूदखाल-काणाखाल के बीच बंद है। पाला पड़ने से इन स्थानों पर जमा बर्फ बेहद सख्त हो गई, जिसे हटाने के लिए जेसीबी को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। साथ ही सैलानियों और स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जनजातीय जौनसार बावर क्षेत्र में त्यूणी-चकराता समेत 11 मार्गो के बर्फबारी की वजह से बंद रहने के कारण क्षेत्र के 50 से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन मार्गो पर जमा बर्फ को हटाने में लोनिवि को पसीने छूट रहे हैं। वहीं, उत्तरकाशी में सुक्कीटॉप में बंद गंगोत्री राजमार्ग पर सोमवार को यातायात बहाल कर दिया गया। कुमाऊं में भारी हिमपात के चलते कालामुनि-बिटलीधार में बाधित थल-मुनस्यारी मार्ग 42 घंटे बाद खोलने में कामयाबी मिली। इस दौरान स्नो कटर और दूसरी ओर जेसीबी से बर्फ हटाते वक्त जेसीबी के खाई में गिरने से आपरेटर घायल भी हुआ।

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