डीजीपी गणपति ने किया महिला चीता को रवाना

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स्वाति / देहरादून

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आठ मार्च से देहरादून में महिला चीता पुलिस सड़कों पर पफर्राटे भरने लगी। महिलाओं पर होने वाले अपराधों की जानकारी मिलते ही यह महिला पुलिस मिनटों में घटनास्थल पर होगी। साथ ही शोहदों पर पैनी नजर रखेगी। राह चलती महिलाओं से छेडऽघनी करने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम करेगी। महिला चीता पुलिस में तेज तर्रार महिला पुलिसकर्मियों को रखा गया है। इन्हें छह दिन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल के इस ड्रीम प्रोजेक्ट महिला चीता पुलिस को राजधानी दून में डीजीपी एमए गणपति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जिले भर की महिला पुलिसकर्मियों में से तेज तर्रार सिपाहियों को महिला चीता में चयन किया गया। जिन्हें छह दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। डीजीपी एमए गणपति ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान इन महिला पुलिसकर्मियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण, आत्मरक्षा, वाहन प्रशिक्षण, वायरलेस हैंडसेट के प्रयोग तथा अन्य विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। एसएसपी देहरादून स्वीटी अग्रवाल ने महिला पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण के लिये आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। शहर में चीता फोर्स के नाम से मशहूर ट्रैफिक पुलिस के इस दस्ते में अब महिलाकर्मियों को भी जोड़ दिया गया है। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल महिला पुलिस कर्मचारी कार्यालयों, थानों एवं ट्रैफिक में नियुक्त है, जिसमें अधिकांश महिला पुलिसकर्मी कार्यालयों में है। जिला पुलिस में महिला पुलिस की भर्ती होने के बाद भी क्षेत्र में महिला पुलिस की उपस्थिति न के बराबर थी। महिला पुलिस के कार्यों का सही तरीके से विभाजन नहीं हो पा रहा था। इसको देखते हुए चीता पुलिस में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक की गई है।
महिला पुलिसकर्मियों में महिला चीता पुलिस में जाने के लिए उत्सुकता दिखाई दी और ट्रैफि क पुलिस में महिलाओं को महत्वपूर्ण स्थानों, चैराहों पर नियुक्त किया जाएगा। थाने में तैनात महिला पुलिस को बीट पुलिसिंग, सीसीटीएनएस, साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी जाएगी। पुलिस विभाग का मानना है कि महिलाएं मृदुभाषी एव संवेदन शील होती है और कई मामलों को महिला पुलिस ज्यादा बेहतर तरीके से सुलझा सकती है। 24 महिला सिपाही ने चीता पुलिस मे काम करने की इच्छा जाहिर की थी। चीता पुलिस की महिला को सेल्पफ डिपफेंस की ट्रेनिंग दी गई है। 18 महिला पुलिस कर्मी साइबर क्राइम में, 20 महिला पुलिस कर्मी ट्रैफिक पुलिस में एवं 12 महिला पुलिस कर्मी बीट पुलिसिंग में शामिल करने का फैसला किया गया है। इसके बाद इन महिला पुलिस कर्मियों को साईबर क्राइम, ट्रैफि क, बीट पुलिसिंग का प्रशिक्षण देकर थानों में नियुक्त किया जाएगा। महिला चीता पुलिस खास तौर से महिलाओं पर होने वाले अपराधों पर नजर रखेगी। सूचना मिलने पर चीते की तरह मिनटों में घटनास्थल पहुंचेगी। देहरादून की एसएसपी स्वीटी अग्रवाल की इस पहल की डीजीपी एमए गणपति ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह बेहतर पुलिसिंग की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर महिला चीता पुलिस में शामिल महिला पुलिस कर्मियों का कहना है की वह इस मुहिम से जुड़कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। साथ ही उन्हें समाज के प्रति अपनी एक अतिरिक्त जिम्मेदारी का एहसास भी हो रहा है। कार्यक्रम में मौजूद पुलिस के सभी आला अधिकारियों ने एसएसपी स्वीटी अग्रवाल की इस नई पहल की सराहना की है।

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