देवभूमि मे प्रचार के दौरान दारु – दारु

 

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लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत पर आरोप लगाया की डेनिश की शराव की बिक्री करवा रहे हैं ? और अब चुनाव मैं जगह जगह शराव पकड़ी जा रही है  शर्ट मे एसओ द्वारा सरकारी गाड़ी मे शराब बाटने के मामले से साफ़ हो चुका है की हरीश रावत सरकार के एसओ खुद अपनी गाडी मे शराब ले जाते हुए पकडे गए,  क्या उत्तराखंड मे जन प्रतिनिधि शराब के सहारे वोट जीते आए है …. यहाँ तो पता है की लेकिन इस बार चोरी छिपे खूब शराब पकड़ी जा रही है…  , उत्तराखंड मे जैसे – जैसे चुनाव नजदीक आ रहे है वैसे – वैसे प्रताशियो की दिल की धडकने तेज होती नजर आ रही है और नेता लोग काम दाम दंड भेद का जोर लागाए हुए है….. चुनाव आयोग के कड़े दिशा निर्देश के बाद भी वोटरों को लुभावने की पूरी कोशिश मे लागे हुए है और लुभावनापन भी ऐसा ऐसा दिया जा रहा है जिससे उत्तराखंड कि जनता का विकास तो दूर वो और ही 1बर्बादी की राह पर जा रही है . नेता चाहे जिस भी पार्टी के हो जनता की विकास कि तो उन्होंने कभी सोची ही नहीं बल्कि वोटरों को लुभावने के लिए उन्हें शराब का लालच दिया जा रहा है और साथ ही साथ वोटरों को पर्चिया बट रही है तो रही, रूपए बाटे जा रहे है . राज्य मे आचार आदर्श सहिता लागू होने की तरीक यानि की जनवरी से आज तक पुरे प्रदेश मे पुलिस और आबकारी विभाग ने मिलकर 92,449 लीटर शराब पकड़ी है . शुरु मे शराब पकडे जाने का प्रतिशत कम था , लेकिन धीरे – धीरे यह बढाने लागा है . आयोग के सख्त निर्देशों के बाद भी उत्तराखंड मे जमकर शराब की तस्करी हुई है . सभी प्रत्याशियों के समर्थन हर गाँव , कस्बो , और नगरो मे शराब पिलाने की व्यवस्था कर रखी है ऐसा करने के लिए प्रताशियो ने अपने समर्थकों को विशेष रूप से तैनात कर रखा है . उत्तराखंड की चुनाव प्रचार के दौरान अब तक 500 करोड़े की दारु पहुच चुकी है , अगर यही रुपया की माग प्रदेश सरकार से किसी विकास या ज़रुरमद की मदद के लिए जनता ने मागा होता तो सरकार पहले उसे टलती फिर बोलती अभी मामले के सज्ञान सरकारी दफ्तरों मे चल रहा है , फिर बेचारा पीड़ित की चपले दफतरों के चक्कर लगते लगते गिस जाती और फाइल कभी भी सरकारी दफ्तरों से बहार ही नहीं आती , अगर आज जितना पैसा नेता जनता को शराब पिलाने मे लागा रही है , अगर वही प्रदेश और ज़रुरमद की मदद के लिए प्रियोग किया होता तो शायद जनता के साथ इतना बड़ा मजाक नहीं किया जाता . और न ही नेताओ को जनता को अपने विकास न कर पाने का सच छुपाने के लिए अवैध लालच देना पड़ता .

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