बीच शहर में इंजीनियर की गोली मारकर हत्या

 

बागेश्वर के युवा इंजीनियर की दून में गोली मारकर हत्या कर दी गई। शहर के बीचों-बीच घंटाघर से महज 250 मीटर दूर स्थित यूनिवर्सल पेट्रोल पंप के पास गली में सुबह लोगों को युवक का शव पड़ा नजर आया। युवक के सिर में गोली मारी गई थी। राजपुर रोड पर यूनिवर्सल पेट्रोल पंप से न्यू एंपायर सिनेमा के लिए जाने वाले रास्ते पर एक लॉज के बाहर लोगों ने सोमवार सुबह एक शव पड़ा देखा। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि शव पर चोट के कई गहरे निशान होने के साथ ही सिर से खून बह रहा था। इसके बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम मौके पर बुलाई गई। फॉरेंसिक टीम ने शव की पड़ताल की तो पता चला कि युवक की मौत सिर पर गोली लगने से हुई है।

मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी शिनाख्त यतीन वर्मा (27) निवासी तल्ला कत्यूर, जिला बागेश्वर के रूप में हुई। बागेश्वर पुलिस की मदद से मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। एसपी सिटी पीके राय ने बताया कि मृतक के परिजन दून के लिए रवाना हो गए हैं। इस वारदात के बाद डीआईजी पुष्पक ज्योति, एसएसपी निवेदिता कुकरेती समेत आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। हालांकि देर शाम तक पुलिस आरोपियों का कोई सुराग नहीं जुटा पाई।

शहर के बीचों-बीच धारा चैकी से महज 50 कदम की दूरी पर गोली मारने के बाद युवक का शव ठिकाने लगाने की वारदात ने देहरादून पुलिस की चैकसी की पोल खोल कर रख दी है। वारदात की जगह यानी राजपुर रोड पर आधी रात के बाद भी चहल-पहल रहती है। सुबह भी तड़के ही यहां मॉर्निंग वॉक करने वालों का आना-जाना हो जाता है। इसके बावजूद हत्यारे इसी जगह शव को ठिकाने लगाकर चलते बने और पुलिस को भनक भी नहीं लगी।

राजपुर रोड पर जिस तरह रात में हत्या की गई, उससे दून की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। सवाल उठना लाजिमी है, क्योंकि जहां शव मिला वहां एक ओर महज 50 कदम पर पुलिस चैकी है तो दूसरी तरफ एस्लेहाल चैक है। जहां रात में चेकिंग के लिए पिकेट तैनात रहती है। लेकिन रविवार को छुट्टी के चलते क्या रात में चेकिंग, पिकेट और गश्त के बजाय पुलिस कर्मी भी मौज में थे? अगर धारा चैकी के बाहर ही कोई पुलिस कर्मी तैनात होता तो हत्यारे इतनी हिम्मत नहीं जुटा पाते कि गोली मारकर हत्या कर शव को चैकी से कुछ दूरी पर छोड़ जाएं।

रात्रि चेकिंग ही नहीं, सुबह शव मिलने की सूचना के बाद भी धारा चैकी पुलिस लापरवाह बनी रही। सूत्रों की मानें तो चैकी पुलिस को सुबह जब शव पड़ा होने की सूचना दी गई तो यह कहकर मामले को हलके में लिया गया कि किसी नशेड़ी या मजदूर की मौत हो गई होगी। लेकिन पुलिस के नहीं पहुंचने पर दोबारा लोगों ने लहूलुहान शव होने की सूचना दी तब जाकर पुलिस हरकत में आई।

 

 

 

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