अवैध खनन पर लगे 35 करोड़ के जुर्माने को वसूलने में नाकाम रहा प्रशासन

 

हरिद्वार जिलाधिकारी दीपक रावत ने छह माह पहले अवैध खनन करने वाले क्रशरों पर करीब 35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। अब क्रशर संचालकों की ओर से डीएम की कार्रवाई पर स्थगन आदेश ले आने के चलते जुर्माना नहीं वसूला जा सका है। नतीजतन प्रशासन इतनी बड़ी जुर्माने की कार्रवाई से महज 40 लाख रुपये ही वसूल पाया।

दस मई को जिलाधिकारी दीपक रावत की ओर से स्टोन क्रशरों पर अवैध खनन करने और मानकों की धज्जियां उड़ाने की शिकायत पर जिलेभर में छापेमारी की गई थी। कार्रवाई के दौरान डीएम दीपक रावत की ओर से जिले के भोगपुर, बिशनपुर, श्यामपुर, भगवानपुर, बंजारेवाला, लक्सर, फेरूपुर, बुग्गावाला समेत आदि क्षेत्रों में स्थित 42 स्टोन क्रशरों पर अवैध रूप से खनिज सामग्री पड़ी होने और भारी अनियमितताएं मिलने पर 34 करोड़ 87 लाख 15 हजार 481 रुपये का जुर्माना लगाया था। जिला प्रशासन ने जुर्माना वसूलने के लिए कार्रवाई भी शुरू की थी।

जुर्माना नहीं देने पर डीएम की ओर से पांच स्टोन क्रशर के कुर्की आदेश और एक स्टोन क्रशर की नीलामी की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। इस बीच स्टोन क्रशर संचालक अलग-अलग समय पर कोर्ट से स्थगन आदेश लेकर आए। इससे जिला प्रशासन इन पर कार्रवाई नहीं कर सका। इसके चलते जिला प्रशासन करोड़ों रुपये की जुर्माने की राशि में से मात्र 40 लाख 30 हजार 400 रुपये ही वसूल कर सका। इस कार्रवाई में सबसे अधिक चार करोड़ का जुर्माना एक स्टोन क्रशर पर लगाया था। एक स्टोन क्रशर पर दो करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना लगाया था। इसके अलावा भी आठ स्टोन क्रशरों पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

 

 

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