महिला नेता का खुलासाः पार्टी में एक नहीं सौ संदीप

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(नवनीत मिश्र)

संदीप कुमार के सेक्स कांड में फंसने के बाद जिस तरह से पार्टी के डर से पूर्व नेता व कई अन्य पदाधिकारियों को अय्याशी में लिप्त बता रहे हैं, उससे मामला गंभीर लग रहा। दिल्ली में मंत्री संदीप कुमार के सेक्स कांड में फंसने के बाद अब पार्टी में कई और अय्याश नेताओं की बात सामने आने लगी है। पार्टी से जुड़े रहे कई नेता खुलकर कहने लगे हैं कि आप में अय्याशों की भरमार है। दिल्ली के बिजवासन विधायक कर्नल सहरावतए पंजाब के पूर्व संयोजक सुच्चा सिंह के बाद अब फिरोजपूर से पूर्व कोआर्डिनेटर अमनदीप कौर ने भी सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। कहा है अभी तो एक मामला सामने आया है।

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पार्टी में एक नहीं सौ संदीप कुमार हैं। नेताओं की शिकायतों को केजरीवाल व उनकी करीबियों ने जानबूझकर दबा रखा है। महिलाओं को प्रलोभन व धमकियां देकर जुबान बंद रखने को कहा जा रहा। अमनदीप ने कहा कि सभी महिलाओं उनके संपर्क में हैं। पीड़िताओं को कानूनी कार्रवाई के लिए राजी कर रहीं हैं। सफलता मिलते ही प्रेस कांफ्रेंस कर केजरीवाल की कथित साफ.सुथरी पार्टी की पोल खोल कर रख देंगी।

52 महिलाओं ने सबसे पहले मुझसे की थी शिकायत

अमनदीप कौर ने कहा कि केजरीवाल ने जिन 52 नेताओं को दिल्ली से पंजाब में चुनावी तैयारी के लिए भेजा है वह राजनीति नहीं अय्याशी कर रहे हैं। जब उन्होंने पंजाब में पार्टी के राह से भटकने और दिल्ली के नेताओं की गड़बड़ियों के खिलाफ मोर्चा खोला था तो यौन शोषण की शिकार 52 महिलाओं ने उनसे संपर्क कर दास्तां सुनाई। पार्टी के नेताओं ने झांसा देकर इनका शोषण किया। इसमें धूरी कार्यालय की वह मेड भी शामिल हैए जिसके दुष्कर्म की कोशिश का आरोप ऑब्जर्वर विजय चोैहान पर लगा है। अब इन सभी महिलाओं के साथ जल्द ही पार्टी के अय्याश नेताओं के बारे में खुलासा होगा।

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शिकायतों पर सुनवाई न होने पर दिया था केजरीवाल के घर धरना

अमनदीप कौर ने कहा कि जब पिछले साल उन्होंने पार्टी की गलत नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलना शुरू किया तो उन्हें पद से हटाने की साजिश रची जाने लगी। दिल्ली के नेता किसी अमीर व्यक्ति को पद पर बैठाना चाहते थे। अमनदीप कौर ने कहा कि उन्होंने महिलाओं का मुद्दा भी पंजाब प्रभारी संजय सिंह व संयोजक रहे सु्च्चा सिंह छोटेपुर के सामने उठायाए मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मनीष सिसौदिया को पत्र लिखकर इंसाफ मांगाए मगर वे भी खामोश रहे। इस वजह से 14 सितंबर 2015 को पार्टी मुखिया अरविंद केजरीवाल के घर के सामने धरना.प्रदर्शन करना पड़ा था। जिसके बाद पार्टी छोड़नी पड़ी।

साभारः इंडिया संवाद

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