‘समूह ग’ का पेपर लीक, छात्रों ने किया प्रदर्शन

रविवार को समूह ‘ग’ का पेपर लीक होने की सूचना से हड़कंप मच गया। वहीं छात्रों को जब ये बात पता लगी तो उन्होंने पेपर छोड़ कॉलेज के बाहर पेपर पहले से लीक होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। समूह ‘ग’ के अंतर्गत राजकीय पर्यवेक्षक की परीक्षा एक केंद्र पर पेपर लीक होने तथा 45 मिनट देरी से पेपर देने का आरोप लगाते हुए 25 छात्रों ने विरोध प्रदर्शन कर बहिष्कार कर दिया।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को परीक्षा कक्ष में ले गई और पूरे मामले की जांच पड़ताल करते हुए छात्रों की वीडियोग्राफी कराते हुए बयान दर्ज कराए। जेएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि पेपर लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है। विरोध कर रहे छात्रों के बयान दर्ज कराए गए हैं। साथ ही सीसी कैमरे की फुटेज की भी जांच की जा रही है। देरी से पेपर दिए जाने समेत पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि संबंधित छात्रों की परीक्षा दोबारा नहीं कराई गई है।

शहर के विभिन्न केंद्रों पर उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से समूह ‘ग’ के अंतर्गत राजकीय पर्यवेक्षक की परीक्षा संपन्न कराई गई। इस दौरान कलियर के समीप स्थित रुड़की कॉलेज आफ इंजीनियरिंग (आरसीई) परीक्षा केंद्र पर छात्रों ने सुबह करीब पौने 11 बजे पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया और कॉलेज गेट पर आकर नारेबाजी शुरू कर दी।

छात्र संजीत कुमार, अवनीश, प्रमोद, आनंद, मनोज, प्रदीप, अरमीना, प्रीति, आयशा, तसलीम, मांगेराम और रविंद्र आदि का कहना था कि परीक्षा का समय सुबह दस बजे था। लेकिन उन्हें आधा घंटे बाद पेपर देना शुरू किया। 15 मिनट पेपर बांटने में लग गए लेकिन, जब पेपर हाथ में आया तो पता चला कि इनकी सील खुली हुई थी और बुक लेट के सीरियल नंबर भी नियमानुसार नहीं थे।

इन छात्रों ने आरोप लगाया कि पूरी परीक्षा में पहले से तय कर ली गई है और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। पेपर लीक होने की सूचना तथा छात्रों के हंगामा करने की सूचना मिलते ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल आरसीई कॉलेज पहुंची और मामले की जांच शुरू की। इस दौरान करीब दो घंटे तक जेएम ने छात्रों के वीडियोग्राफी कराकर उनके बयान दर्ज किए।

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