हाई कोर्ट ने लगाई फटकार स्कूल मालिको को स्कूल खोलने के दिए आदेश

बैकफुट पर आए आंदोलनकारी स्कूल मालिक

 

उत्तराखंड मैं हाई कोर्ट ने  फैसले  मैं  जनता  के हित  मैं  फैसला  सुनाया  है ,माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में जनहित याचिका दायर की  थी  हाई कोर्ट  ने कहा  की  स्कूल  को  आप बाधित  नहीं  कर सकते ,की शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के द्वारा लिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में सभी शिक्षण संस्थानों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के विरोध में हड़ताल पर गए स्कूल मालिक हाई कोर्ट नैनीताल के आदेशों के बाद बैकफुट पर आ गए हैं । कहां तो स्कूल प्रबंधन NCERT के विरोध में स्कूल बंद कर हड़ताल पर चले गए थे कहां वह अब पुनः स्कूल खोलने पर मजबूर हुए हैं। इसके लिए  हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत मनाली जिन्होंने इस पूरे मामले को तथ्यों और तार्किक बहस के रूप में हाई कोर्ट के समक्ष रखा । हाईकोर्ट के जजों ने जब यह देखा कि पब्लिक स्कूल एसोसिएशन इस मामले पर हड़ताल की धमकी देकर और स्कूल बंद कराने का ड्रामा करके ब्लैक मेलिंग के रास्ते पर उतर आई है तो न्यायपालिका सख्त हो उठी । उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी आंदोलनकारी कर दिए ।

 

 

 

गौरतलब है कि पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के स्कूल बंदी फैसले के खिलाफ नवींन कपिल व दिनेश चंदौला जी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में जनहित याचिका दायर की गई । जिसमें कोर्ट द्वारा कड़ा रुख अपनाते कहा कि शिक्षा मौलिक अधिकार है और शिक्षा आवश्यक सेवा में आती है । लिहाजा इसको हड़ताल से बाधित रखना गैर कानूनी है । और ऐसी हड़ताल करने का अधिकार किसने दिया। मामले की पैरवी अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली  द्वारा की गयी।

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