रोशनाबाद में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्ज़ा

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(ओम प्रयास हरिद्वार)

जहाँ प्रशासन इस निर्माण को वैद्य बता रहा है वही ग्रामीण इसे अवैद्य निर्माण ठहरा रहे है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 या 2009 में राजस्व विभाग द्वारा यह भूमि पट्टे के रूप में किसी व्यक्ति को आबंटित की गयी थी तब ऐ अभी तक इस भूमि पर कोई निर्माण नहीं हुआ था परंतु जैसे ही चुनावी गहमा गहमी शुरू हुई तो पट्टाधारक ने माहौल का फायदा उठाकर यहाँ पर 5 दुकानों का निर्माण कर दिया ।ग्रामीणों का कहना है कि चुनावी माहौल का लाभ उठाकर प्रशासन की मिलीभगत से इस कार्य को अंजाम दिया गया है । वही क्षेत्र के उपराजस्व निरीक्षक से इस संबंध में बात की गयी तो उन्होंने बताया कि यह पट्टा संक्रमनी भूमि ऐ के अंतर्गत है एवं पट्टाधारक द्वारा किया गया निर्माण पूर्ण रूप से वैद्य है अधिक जानकारी मांगने पर उन्होंने उपजिलाधिकारी से जानकारी लेने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया ।वही उपजिलाधिकारी से जब मामले का संज्ञान किया गया तो उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की नियमावली के अनुसार यह निर्माण तो वैद्य है परंतु इस भूमि पर न्यायपालिका में कुछ मुकदमे होने की जानकारी प्राप्त हुई है अतः तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया है एवम सम्बंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी न्यायसंगत कार्यवाही हेतु विभाग को निर्देश दे दिए गए है।बहरहाल परिणाम कुछ भी निकले यह तो तय है कि कहीं न कही राजस्व विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों की मदद से पट्टाधारक को लाभ पहुँचाया गया है अब यह तो परिस्थितियां ही बताएंगी की क्यों प्रशासन ने लगभग 8 साल पहले दिए गए पट्टे पर आज इतने समय बाद चुनावी समर और आचार संहिता के चलते हुए निर्माण की कोई सुध क्यों नहीं ली और क्यों पट्टाधारक ने निर्माण के लिए इतना इंतेजार किया और इस कार्य के लिए वही वक़्त क्यों चुना जिस समय शासनिक और प्रशासनिक अधिकारी चुनाव में व्यस्त थे ।कही न कही ये कुछ बाते प्रशासन की सांठगांठ और पट्टाधारक को अनुचित लाभ देने की मंशा के संदेह को बल प्रदान करती प्रतीत हो रही है ।

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