भारतीय मूल का जलवा भी कायम रहा अमेरिका में

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अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल के लोगों का जलवा भी कायम रहा। चुनाव में भारतीयों ने भी जीत दर्ज की हैै। इनमें भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने जीत हासिल की है। वहीं, भारतीय मूल की कमला ने भी यूएस सीनेट इलेक्शन में जीत हासिल की है। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय-अमेरिकी बन गई हैं। 51 साल की हैरिस ने अपनी ही पार्टी की डेमोक्रेट लाॅरेटा सांचेज को हराया।

कैलिफाॅर्निया की अटाॅर्नी जनरल कमला हैरिस ने इतिहास रच दिया है। कमला यूएस सीनेट में चुनी गई 6वीं अश्वेत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा यूएस सीनेट में चुने गए पांचवें अश्वेत सीनेटर थे। हैरिस बीते दो दशक से ज्यादा वक्त में ऊपरी सदन के लिए चुनी गईं पहली अश्वेत महिला हैं। कैलिफाॅर्निया की दो बार अटाॅर्नी जनरल रह चुकीं हैरिस अब बारबरा बाॅक्सर का जगह लेंगी। बाॅक्सर ने सीनेट में दो दशक से ज्यादा वक्त तक अपनी सेवाएं देने के बाद 2014 में रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था।

उनके अलावा दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति (43) ने आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट शिकागो क्षेत्र की अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीट के लिए जीत दर्ज की। इलिनोइस की अमेरिकी सीनेट सीट के लिए टैमी डकवर्थ के जीतने के कारण यह सीट खाली थी। दिल्ली में जन्मे कृष्णमूर्ति पेशे से एक प्रयोगशाला कार्यकारी हैं और उनकी जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया था।

कृष्णमूर्ति ने ट्वीट किया, शुक्रिया… इलिनोइस के आठवें डिस्ट्रिक्ट का कांग्रेस सदस्य बनकर मैं खुद को सम्मानित और अनुगृहित महसूस कर रहा हूं। कृष्णमूर्ति ने अपने विजय भाषण में समर्थकों का शुक्रिया अदा किया। दिलचस्प यह है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए कृष्णमूर्ति ऐसे दूसरे हिंदू-अमेरिकी हैं। इनके अलावा 51 वर्षीय प्रमिला जयपाल ने भी इस चुनाव में जीत हासिल की है। प्रमिला ने सीटल से कांग्रेसनल सीट पर जीत हासिल की है जिसके बाद वो हाउस आॅफ रिप्रेसेंटेटिव का हिस्सा बनेंगी। ऐसा करने वाली वो पहली भारतीय-अमेरिकी महिला होंगी। जयपाल भी कृषणमूर्ति के साथ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जीतकर पहुंचे हैं।

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