आयकर ने रोके शिक्षा विभाग के बिल

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देहरादून / प्रदेश में एक तरफ  सरकार ने जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को पदोन्नति का तोहफा दिया है वहीं राज्य के करीब 6000 अतिथि शिक्षकों के  भविष्य पर तलवार लटका दी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ये शिक्षक 31 मार्च के बाद बेरोजगार हो जाएंगे। कांग्रेस सरकार की अल्पकालीन शिक्षक नियमावली के तहत ठोस फैसला न होने से यह नौबत आई है। दूसरी तरफ आयकर विभाग ने भी शिक्षा विभाग पर अपना शिकंजा कस दिया है। पांच सालों से टीडीएस जमा न करने पर आयकर विभाग ने शिक्षा विभाग के छह करोड़ रुपये के बिल पर रोक दिए हैं। राज्य में शिक्षा को बेहतर बनाने के मकसद से कांग्रेस सरकार ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती की थी। जिसे नैनीताल हाईकोर्ट ने असंवैधानिक करार दे दिया था। हाईकोर्ट ने 31 मार्च के बाद इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिया था। विधानसभा चुनाव से पहले हरीश रावत सरकार ने अतिथि शिक्षकों को नियमावली के तहत फिर से बहाल करने का भरोसा दिया था, लेकिन चुनावी परिणाम के बाद कांग्रेस की सरकार चली गई। अब नई सरकार ने पुरानी नियमावाली को ही खत्म कर दिया। लिहाजा अतिथि शिक्षकों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है।

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