मोदी की यात्रा से भारत-अमरीका संबंध हुए और मजबूत

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 मई, 2014 को अपना पद संभालने के साथ ही देश की विदेश नीति को मजबूत करने के अभियान के अंतर्गत विश्व के प्रमुख देशों की तूफानी यात्राओं का सिलसिला शुरू कर दिया था। इसी शृंखला में वह 24 जून 2017 को पुर्तगाल, अमरीका और नीदरलैंड्स की यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान पुर्तगाल के साथ 11 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद अपनी यात्रा के दूसरे पड़ाव में श्री मोदी ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भेंट की। समस्त विश्व जानना चाहता था कि दोनों नेताओं में वार्ता का नतीजा क्या होगा। इन अटकलों पर 26 जून को उस समय विराम लग गया जब वाशिंगटन में दोनों नेता एक-दूसरे के साथ खुलकर और खुले दिल से मिले। अमरीका का राष्ट्रपति बनने के बाद से डोनाल्ड ट्रम्प जिसकी उत्कंठा से प्रतीक्षा कर रहे थे वह थी नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी भेंट। डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया ने व्हाइट हाऊस के पोर्टिको में अत्यंत गर्मजोशी से मोदी का स्वागत किया। डोनाल्ड ट्रम्प आमतौर पर किसी से भी हाथ नहीं मिलाते परन्तु उन्होंने नरेन्द्र मोदी की ओर जब हाथ बढ़ाया तो मोदी ने भी आगे बढ़कर ट्रम्प को गले लगा लिया। नरेन्द्र मोदी की अमरीकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन से भेंट के बाद अमरीकी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को झटका देते हुए हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करके आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ होने का संकेत दे दिया। कुछ ही समय बाद डोनाल्ड ट्रम्प और नरेन्द्र मोदी के बीच रक्षा, आतंकवाद और अफगानिस्तान को लेकर 4 घंटे चली वार्ता के अलावा 40 मिनट तक सीधे बातचीत भी हुई जिसके बाद जारी संयुक्त विज्ञप्ति में: डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत को अमरीका का सच्चा दोस्त और मोदी को एक महान व्यक्ति बताया और उनके द्वारा किए जा रहे कामों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘भारत और अमरीका हमेशा बहुत अच्छे दोस्त रहेंगे। मेरे मन में भारत के लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धा है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का स्वागत करना हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है।’’ दोनों नेताओं ने आतंक के लिए पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल बंद करने की बात कही और पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को पनाह देने का मुद्दा भी उठाया। अमरीकी राष्ट्रपति ने जोर देकर दोनों देशों द्वारा इस्लामिक आतंकवाद का खात्मा करने का संकल्प जताया और इसके लिए सूचना के आदान-प्रदान पर सहमति जताई। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- हम सोशल मीडिया के वल्र्ड लीडर हैं। हम दोनों जनता से सीधे संवाद करते हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सर्वाधिक तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जल्दी ही वह अमरीका की अर्थव्यवस्था की बराबरी कर लेगी। उन्होंने जी.एस.टी. लागू करने के लिए मोदी को बधाई भी दी। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी इस वार्ता से दोनों देशों के बीच संबंध बहुत मजबूत होंगे व हिंद महासागर में भारत, जापान और अमरीका मिलकर सैन्य अभ्यास करेंगे जो अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास होगा। इस अवसर पर नरेन्द्र मोदी ने इस स्वागत के लिए डोनाल्ड ट्रम्प और प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प का आभार व्यक्त करते हुए इसे 125 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया और ट्रम्प को भारत आने का निमंत्रण देते हुए कहा, ‘‘मैं उनकी प्रतीक्षा कर रहा हूं।’’ नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अपने समाज तथा विश्व को आतंकवाद, कट्टïरपंथी विचारधाराओं तथा गैर-पारम्परिक सुरक्षा खतरों से मुक्त करने के क्षेत्र में भारत तथा अमरीका दोनों देशों के हित सांझा हैं। उन्होंने आगामी वर्षों में अमरीका से भारतीय कम्पनियों द्वारा 40 अरब डालर से अधिक की ऊर्जा खरीदने और 200 से अधिक अमरीकी विमान भारत के निजी क्षेत्र के विमानन बेड़े में शामिल करने की बात भी कही। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के व्यापारिक संबंध 115 अरब डालर वार्षिक तक पहुंच चुके हैं तथा इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस प्रकार पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ सामंजस्य कायम किया था, उसी प्रकार का सामंजस्य वह ओबामा के धुर विरोधी डोनाल्ड ट्रम्प के साथ कायम करने में सफल रहे हैं जो छोटी-मोटी बातों के दृष्टिविगत उनकी बड़ी कूटनीतिक सफलता है। निश्चय ही नरेन्द्र मोदी की इस अमरीका यात्रा ने भारत-अमरीका संबंधों में उत्तरोत्तर मजबूती की नई इबारत लिखी है।

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