धूमधाम से आइटीबीपी ने मनाया स्थापना दिवस

पिथौरागढ़ में कमांडेंट अशोक कुमार टम्टा ने जाजरदेवल स्थित वाहिनी परिसर में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। सहायक सेनानी प्रभाकर सिंह के नेतृत्व में भव्य परेड का आयोजन हुआ। कमाडेंट टम्टा ने कहा कि बल ने दुर्गम क्षेत्रों में सीमा की सुरक्षा करते हुए 56 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। उन्होंने शहीदों का नमन करते हुए कहा कि बल की स्थापना वर्ष 1962 में कारकोरम दर्रे से लिपुलेख दर्रे के साथ ही भारत-चीन सीमा की सुरक्षा के लिए की गई थी।

शुरूआत में चार वाहिनियों का गठन किया गया था। बल की सफलता को देखते हुए अब इनकी संख्या 60 हो गई है। बल वर्तमान में काराकोरम दर्रे से अरू णांचल प्रदेश तक 3488 किमी सीमा की सुरक्षा कर रहा है। बल के जवान नौ हजार फीट की ऊंचाई से लेकर साढ़े हजार फीट की ऊंचाई तक अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष वाहिनी के छह अधिकारियों को महानिदेशक प्रतीक चिंह से अंलकृत किया गया है। परेड और संबोधन के बाद 14वीं वाहिनी कैंपस में विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। देर सायं बड़े खाने के साथ कार्यक्रम संपन्न हुए।

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