झिलमिल झील क्षेत्र बनेगा ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन

पर्यटन विभाग हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रसियाबड़ झिलमिल झील क्षेत्र को ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। क्षेत्र के ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होने से जहां सैलानी बारहसिंगा, मगरमच्छ, बाघ, चीतल, हाथी आदि वन्य जीवों के अलावा स्थानीय परिंदों की 160 प्रजातियों और तितलियों की यलो कास्टर्स प्रजाति का दीदार कर सकेंगे। वहीं पर्यटन विभाग की आय में भी इजाफा होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व पर्यटन मंत्री सतपाल महराज की मंशा प्रदेश के सभी जिलों में ईको टूरिज्म सेंटर विकसित करने की है। ताकि पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित कर प्रदेश को आर्थिक रूप से संपन्न बनाया जा सके। इसके लिए पर्यटन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चैहान बताते हैं कि इसके तहत पर्यटन विभाग की ओर से रसियाबड़ वन्य संरक्षण क्षेत्र में स्थित झिलमिल झील को ईको टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए शासन को एक करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही झिलमिल झील क्षेत्र को ईको टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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