40 लाख की रकम लेकर फरार होने वाला कलर्क गिरफ्तार 

केदारनाथ मार्ग पर वर्ष 2013 से प्रीपेड काउन्टर से 40 लाख की रकम के साथ गायब लेखाकार प्रकाश गोस्वामी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार 2013 से गौरी कुण्ड केदारनाथ पैदल मार्ग पर जिला प्रशासन रूद्रप्रयाग द्वारा घोड़े, खच्चर, कण्डी की प्रीपेड बुकिंग काउन्टर की रकम लगभग 40 लाख रुपये के साथ लापता हुये कनिष्ठ सहायक प्रकाश गोस्वामी को स्पेशल टास्क फोर्स ने आईएसबीटी से गिरफ्तार कर लिया। उल्लेखनीय है कि उक्त घटना के सम्बन्ध में थाना ऊखीमठ, जनपद रूद्रप्रयाग पर तत्कालीन जिला साहसिक खेल अधिकारी, रूद्रप्रयाग की तहरीर के आधार पर अक्टूबर 2013 को मुकदमा पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त प्रकाश गोस्वामी जो कि प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, रूद्रप्रयाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात था, की ड्यूटी जिलाधिकारी के आदेश पर केदारनाथ यात्रा के दौरान गौरीकुण्ड, केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोडे, खच्चर, कण्डी की प्रीपेड बुकिंग काउन्टर पर प्राप्त नकदी को बैंक में जमा करने हेतु लगायी गयी थी। 13 जून से 15 जून 2013 तक उपरोक्त अभियुक्त प्रकाश गोस्वामी की ड्यूटी थी। ड्यूटी के दौरान प्राप्त कैश लगभग 40 लाख रुपये की धनराशि के साथ प्रकाश गोस्वामी लापता हो गया। इसके पश्चात केदारनाथ आपदा की बडी घटना हुई। विभाग द्वारा भी लापता प्रकाश गोस्वामी की तलाश की गई तथा नोटिस जारी किये गये। परन्तु प्रकाश गोस्वामी का कोई पता ना चला। जाँच के दौरान प्रकाश गोस्वामी के भाई द्वारा जिला साहसिक खेल अधिकारी रूद्रप्रयाग के एकाउन्ट में 8 लाख रुपये जमा करते हुये बताया गया, कि ये रूपये उपरोक्त प्रकाश गोस्वामी की आलमारी से मिले है तथा उसका भाई प्रकाश 20 जून 2013 से लापता चल रहा है । मुकदमें की विवेचना के दौरान प्रकाश गोस्वामी की काफी तलाश की गई, परन्तु लगातार पिछले 04 वर्षो तक फरार चलता रहा । गिरफ्तारी हेतु पहले पुलिस अधीक्षक, रूद्रप्रयाग ने 2 दो हजार का ईनाम घोषित किया। बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढवाल परिक्षेत्र द्वारा 5 हजार रूपये का नकद पुरस्कार घोषित किया गया । एसटीएफ द्वारा प्रकरण में उक्त ईनामी अभियुक्त प्रकाश गोस्वामी पुत्र विरेन्द्र गोस्वामी, निवासी ग्राम गंगतल, पटवारी वृत्त बेलणी, तहसील व जिला रूद्रप्रयाग की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे थे। आज सुबह मुखबिर खास की सूचना पर अभियुक्त उपरोक्त को आईएसबीटी देहरादून के समीप से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर बताया, कि घटना के पश्चात से ही मैं पुलिस कार्यवाही के डर से फरार होकर राजस्थान चला गया था तथा अपनी पहचान छुपाकर अबू रोड़, सिरौही, राजस्थान में होटल चामुण्डा में वेटर का काम कर रहा था तथा घर एवं पूर्व परिचितों से कोई सम्पर्क नहीं रखा तथा सोचा कि मुझे केदारनाथ आपदा में लापता मान लिया जायेगा और मेरी तलाश नहीं की जायेगी। सराहनीय कार्य हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, द्वारा एसटीएफ टीम के उत्साहवर्धन हेतु ढाई हजार रुपए के नकद पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई है।
Facebook Comments

Random Posts