भूमि जांच का अधिकार राजस्व विभाग के अधिकारियों को मिले 

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भूमि अपराधों की जांच एसआईटी के स्थान पर राजस्व विभाग के अधिकारियों से कराये जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड लेखपाल संघ ने प्रदर्शन कर धरना दिया और आंदोलन तेज करने की धमकी दी है और कहा कि जल्द ही इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगें। यहां उत्तराखंड लेखपाल संघ तहसीलदार के कार्यालय में इकट्ठा हुए और वहां पर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के मैदानी जनपदों में भूमि अपराधों के निराकरण हेतु शासन द्वारा पुलिस विभाग की शाखा एसआईटी द्वारा प्रारंभिक जांच कराकर थाने में वाद पंजीकृत कराकर पुलिस द्वारा विवेचना कराई जा रही है और शाखा में सम्मिलित पुलिस कर्मियों को भूमि के संबंध में लागू व्यवस्था भूलेख नियमावली जेड ए एल आर एक्ट कार्य का बिल्कुल ज्ञान नहीं होता है जिसके अभाव में उनके द्वारा प्रकरणों को सही जांच किया जाना संभव नहीं है।

उनका कहना है कि ऐसे में राजस्व विभाग के कम्रचारियों के पास भू अभिलेख रहने के कारण उनकों विभिन्न भूमि संबंधी अपराधिक जांचों में अनुचित रूप से संलिप्तता दिखाते हुए उनके विरूद्ध अपराधिक वाद योजित कराये जा रहे हे जिससे राजस्व कर्मियों में निराशा का भाव व रोष पैदा हो रहा है। वक्ताओं का कहना है कि भूलेख संबंधी कार्यों में राजस्व विभाग के अंतर्गत लेखपालों एवं राजस्व निरीक्षकों द्वारा सेवा नियमावली के प्रावधानों के अधीन कार्य किया जाता है इसमें किसी प्रकार की त्रुटि होने पर नियमावली में सुधार का प्रावधान है परन्तु एसआईटी द्वारा धारा 33 उत्तराधिकार, धारा 34 नामान्तरण एवं धारा 41 सीमांकन डीलबंदी आदि कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करते हुए राजस्व कर्मचारियों पर नियम विरूद्ध अनुचित दवाब बनाया जा रहा है तथा उन्हें प्रताडित किया जा रहा है।

उनका कहना है कि न्यायिक संबंधी कार्यों में धारा 34 एलआर एक्ट के अंतर्गत तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के न्यायालयों में नियत प्रक्रिया के तहत निर्णित किये जाते है जिसमें वादों में वर्णित भूमि के संबंध में लेखपालों से सरसरी पूछताछ के रूप में अभिलेखों के आधार पर आख्या ली जाती है जिसके बाद उन पर निर्णय लिया जाता है, वर्तमान समय में धारा 34 के अनेक वादों में लेखपालों द्वारा नामान्तरण की आख्या दिये जाने पर ही उनके विरूद्ध संलिप्तता दिखाते हुए उनके विरूद्ध अनुचित आपराधिक मुकदमें दज किये जा रहे है। उनका कहना है कि इस मामले में शीघ्र ही कार्यवाही नहीं की जाती है तो आंदोलन को तेज किया जायेगा। उनका कहना है कि पांच नवम्बर तक प्रदेश के मैदानी जनपदों हरिद्वार, देहरादून उधमसिंह नगर, नैनीताल के समस्त लेखपाल कार्य बहिष्कर कर धरना प्रदर्शन किया जायेगा।

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