साक्षर भारत मिशन उत्तराखंड में करोड़ो का द्योटाला के संकेत

शंखनाद  टीम 

दिंनाक 08 मार्च 2010 को दैनिक जागरण के पैज सं0-7 छपि खबर उत्साहित करने वाली थी,कि भारत सरकार के मानव  संसाधन विकास मंत्रालय  की योजना के तहत् राज्य की 6 हजार 561 ग्राम पंचायतों में लगभग 13 हजार 122 युवक -युवतियों को शिक्षा प्रेरकों के रूप में प्रशिक्षित करके निरक्षर /कक्षा 1से कक्षा5 तक ड्राॅपआउट महिलाओं /पुरूषो को इस कार्यक्रम के माघ्यम से बेसिक स्तर कि साक्षरता प्रदान कि जायेगी,ताकि उनके जीवन में पढ़ने-लिखने तक की समझ विकसित कर जीवन स्तर में सुघार हो सके
         जेैसे-जैसे साल बीतते गये,द्योटाला परवान चढ़ने लगा,मिशन कि गाइड लाइन के अन्र्तगत साक्षारता मिशन प्राधिकरण एक नोडल विभाग के देहरादून के जिला शिक्षा कार्यक्रम में स्थापित हेै,इसके अन्र्तगत मुख्य सचिव उत्तराखण्ड़ अध्यक्ष,प्रमुख सचिव उपाध्यक्ष सहित 17 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारणी में सदस्य सचिव के रूप में शिक्षा विभाग के अनुभवी अधिकारी को राज्य परियोजना निदेजक, सर्व शिक्षा अभियान को संचालन का दायित्व/अधिकार दिये। वर्ष 2003 तक स्लाट -1 तथा स्लाट -2 में प्रदेश कें छह जिलों के 34 विकास खण्ड़, जिसमे जनपद उतरकाशी के छह विकास खण्डों, टिहरी जनपद के नौ विकास खण्ड, बागेश्वर के 3 विकास खण्ड, उधमसिंह नगर के 07 विकास खण्ड, चम्पावत के 04 विकास खण्ड तथा हरिद्वार के 6 विकास खण्ड़ो सहित 35 विकास खण्डों में कार्यक्रम चलाया जाना संचालित हुआ ।
    जेेेेेैसे -जेैसे साल बीतते गयेे घोटाले  परवान चढने लगामिशन की गाइड लाइन के अन्र्तगत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण एक नोडल विभाग देहरादून के जिला शिक्षा कार्यालय में स्थापित है इसके अन्तर्गत मुख्य सचिव उत्तराखण्ड अध्यक्ष प्रमुख सचिव उपाध्यक्ष  सहित 18 सदस्यीय प्रदेज कार्यकारीणी में सदस्य सचिव के रूप में शिक्षा अभियान को संचालन का दायित्व/अधिकार दिये गये। वर्ष 2003 तक स्लाट-1 तथा स्लाट-2 में प्रदेश के छह जिलों के 35 विकास खण्डों टिहरी जनपद के नौ विकास खण्ड बागेश्वर के 3 विकास खण्ड उधमसिंह के 07 विकास खण्ड चम्पावत के 04 विकास खण्ड तथा हरिद्वार के 06 विकास खण्डों सहित 35 विकास खण्डों में कार्यक्रम चलाया जाना संचालित हुआ। जो शिक्षा विभाग प्राइमरी शिक्षा के स्तर को दम तोड़ने के लिए राजनीतिक दांव पेंचों में उलझा है उस बजट के भूखे शेर को करोड़ों रूपये के मोटे बकरे के बजट रूपी साक्षरता मिशन की मोटी दावत भेंट कर दी गयी. बात अनुभव की ही नही नियत की भी है. जो अधिकारी उत्तराखण्ड का भला करनें की नियत नहीं रखते. उन्हें कुछ भी कार्य के लिए धनराशि दी जाती है जो वे उसे दावत समझकर चट कर जायेंगे।
       प्रदेश साक्षरता मिशन की प्रबंध कार्य कारिणी  गठन के बाद छह जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कार्यकारीणी में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को सदस्य सदस्य सचिव का कार्य देकर जिले में इस महत्वपूर्ण प्रभावी कार्यक्रम के द्वारा मिशन के लक्ष्य को अंजाम तक पहुचाने के लिए विकास खण्डों में खण्ड शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को सदस्य सचिव का कार्य देकर जिले में इस महत्वपूर्ण प्रवाभी कार्यक्रम के द्वारा मिशन के लक्ष्ल को अंजाम तक पहंुचाने के लिए विकास खण्डों में खण्ड शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव/ब्लाॅक प्रमुख अध्यक्ष,प्राइमरी स्कूल के अध्यापक को सदस्य सचिव बनाकर लोक शिक्षा केन्द्रो का दायित्व दिया गया।ग्राम  हजार 561शिक्षा प्रेरकों में2 हजार मासिक मानदेय के आधार पर प्रेरको द्वारा स्वमं सेविको के माध्यम से पंजीकृत निरक्षको को साक्षर बनाने का दायित्व दिया गया।
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