एनडी तिवारी और भाजपा की नजदीकियां उत्तराखंड की राजनीति में लाएगी नया मोड़

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी को जहां एक ओर कांग्रेस से उम्मीदों के बावजूद निराशा मिली है वहीं दूसरी ओर भाजपा से उनकी नजदीकियां उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर गरमा रही हैं और कयास लगाए जा रहे हैं कि इनकी ये नजदीकियां आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचाकर सियासी भूचाल ला सकती है और उसे नया मोड़ दे सकती है।

गौरतलब है कि अपना जन्मदिन मनाने के लिए 16 अक्टूबर से एनडी तिवारी हल्द्वानी में ही हैं और अभी फिलहाल उनके परिवार का उत्तर प्रदेश लौटने का कोई कार्यक्रम भी नहीं है। इन सबके बीच चुनाव से पूर्व एनडी की पत्नी उज्ज्वला व पुत्र रोहित शेखर की हल्द्वानी में मौजूदगी से उत्तराखंड का सियासी पारा भी गरमा रहा है। एनडी तिवारी हल्द्वानी ही नहीं ऊधमसिंह नगर जिले में भी हर वर्ग व पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं पुराने परिचितों से मुलाकात कर रहे हैं। इन मुलाकातों के मायने इसलिए भी जरूरी हो गए हैं क्योंकि एनडी तिवारी अब शारीरिक व मानसिक रूप से पहले जैसे सक्रिय नहीं रहे।

वहीं रोहित शेखर तिवारी अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत इसी विधानसभा चुनाव से करने की दृढ़ इच्छा जाहिर कर चुके हैं। हालांकि अब तक किसी भी पार्टी से उन्हें टिकट मिलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। एनडी के कद को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सपा ने उन्हें सम्मान दिया है तो पुराने कांग्रेसी होने के नाते उत्तराखंड में आज भी उनका नाम ही काफी है। ऐसे में आगामी चुनावों से पूर्व भाजपा एनडी के नजदीक आती दिख रही है। भाजपा सांसद भगत सिंह कोश्यारी 18 अक्टूबर को जन्मदिन कार्यक्रम में उनसे सीधे तो नहीं मिले लेकिन सर्किट हाउस में उस दिन उन्होंने काफी देर मुलाकात की।

इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट दो बार उनसे मिलने गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी थी। सुबह अजय भट्ट तीसरी बार में एनडी व रोहित से मिले और उनके बीच काफी देर तक बातचीत हुई। वहीं इस पर रोहित का कहना है कि कांग्रेस से काफी उम्मीद होने के बावजूद कांग्रेस ने उन्हें निराश ही किया जबकि कांग्रेसियों से ज्यादा भाजपा नेता उनसे मिलने आ रहे हैं और उनकी सुध ले रहे हैं।

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