प्रेस क्लब के पत्रकारों ने फूंका कबीना मंत्री इंदिरा ह्रदयेश का पुतला

200000
उत्तराखंड में सरकारी संपत्ति कैसे बचेगी इस पर आज उत्तराखंड प्रेस क्लब में एकजुट होकर कबीना मंत्री इंदिरा ह्रदयेश का पुतला फूंका गया। पुतला सिर्फ इसलिए फूंका गया, राकेश डोभाल नामक जिस व्यक्ति को प्रेस क्लब के जलपान गृह की कैंटीन का कब्जा दिया गया, कैंटीन संचालक राकेश डोभाल ने प्रेस क्लब के साथ जो धोखा किया है उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है, लेकिन तेजी से बढ़ते हुए घटनाक्रम ने सरकार और पत्रकारों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, कल पत्रकारों का एक सदस्य दल मुख्यमंत्री से मिला और मुख्यमंत्री ने तत्परता दिखाते हुए पत्रकारों के पक्ष में तुंरत एमडीडीए के वीसी मीनाक्षी सुंदरम को साफ-साफ लिखा कि इसको पूर्वत रखा जाए। लेकिन आज प्रेस क्लब की आम सभा में इंदिरा ह्रदयेश का पुतला फंूककर जो नींव रखी गई है वह प्रदेश हित के लिए काबिले तारीफ है। जिस राज्य निर्माण की मांग ही जल.जंगल और जमीन बचाने और उसके उचित प्रबंधन को भू.भाग के बाशिंदों को सौंपने को लेकर की गई थी वह बनने के साथ ही इनके प्रति असंवेदनशील हो गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिम्मेदार लोग सार्वजानिक सम्पत्तियो को अपने निज लाभ या चहेतो को उपकृत करने के लिए खुर्द.बुर्द करने में लगे हैं।

uuuu5000
ताजा प्रकरण पिछली एक शताब्दी से देहरादून शहर का फेफड़ा कहे जाने वाले विशाल परेड ग्राउंड को शासन के कतिपय लोगो द्वारा हालिया कानूनों और नियमो का वास्ता दे कर एक हिस्से को व्यक्ति विशेष के पक्ष में फ्रीहोल्ड करने का है।
सवाल पूछा ही जाना चाहिए कि शासन में बैठे लोग इस राज्य की सम्पदा के ट्रस्टी, कस्टोडियन बनने की बजाये स्वामी क्यों बन रहे हैं, क्या व्यक्तिगत चाहना या हित सामुदायिक हित से बड़े हैं ।
आज एक के पक्ष में अनैतिक काम को जायज ठहराकर, क्या कल हम किसी दूसरे को सार्वजानिक सम्पदा को खुर्द.बुर्द करने से रोक पाएंगे।
इन्ही मुद्दों को लेकर उत्तराँचल प्रेस क्लब के सदस्यों में भरी आक्रोश हैं। उनको सामुदायिक और सार्वजानिक उपभोग के लिए आबंटित भूखंड के एक हिस्से को एक व्यक्ति विशेष के पक्ष में फ्री होल्ड करने की फाइल शासन में चल रही है। आज एक मामला है कल इसकी आड़ में पूरा परेड ग्राउंड खुर्द.बुर्द हो जाये तो आश्चर्य कैसा , प्रकरण में लिप्त एक केबिनेट मंत्री की दिलचस्पी के विरुद्ध आज पत्रकारो ने उनका पुतला फूंका और जनता को सन्देश दे दिया की अब राज्य में कुछ भी उनका जो साझा है सुरक्षित नहीं है।

Facebook Comments

Random Posts