चावल घोटाला: एसआईटी कर रही है जांच

 चावल घोटाला: एसआईटी कर रही है जांच

 
उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के गोदाम में सीएमआर एवं राज्य पोषित कट्टों को अलग अलग कराने का कार्य जारी है। प्रारंभिक जांच में भी यह खुलासा हुआ है कि कट्टे पुराने हैं, जबकि अफसरों ने नए कट्टे खरीदने के लिए धनराशि खर्च करना दिखाया है। यही नहीं दोनों योजना के चावल के दामों में फर्क है, लेकिन दोनों योजनाओं के कट्टे एक साथ रखे मिले, जिससे यह बात साबित होती है कि दोनों योजनाओं में चावल को एक जैसा माना जा रहा था। कुछ ऐसे भी कट्टे मिले हैं, जिन पर किसी योजना का नाम ही अंकित नहीं है। जिससे यह संदेह जताया जा रहा है कि चावल के कट्टे बदल कर टूटा हुए चावल के कट्टे रखे गए हैं। यहां खामियां ही खामियां नजर आती है। जिसकी जांच एसआईटी कर रही है।
गौरतलब है कि शासन ने अपर जिलाधिकारी नजूल जगदीश कांडपाल की अध्यक्षता में विशेष जांच कमेटी गठित की है, जिसमें एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा, संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत कुमार व डिप्टी कलेक्टर युक्ता मिश्रा को शामिल किया गया है। एसआईटी ने उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के गोदाम में छापा मारा तो सीएमआर एवं राज्य पोषित योजना के तहत चावल के कट्टे एक साथ चुने मिले। जिस पर एडीएम ने वीडियोग्राफी कराई तथा सीएमआर एवं राज्य पोषित योजना के तहत मौजूद कट्टे अलग कराए। साथ ही ऐसे कट्टे जिन पर किसी योजना का नाम अंकित नहीं है उन्हें अलग रखने को कहा।
सूत्र बताते हैं कि जांच में काफी ऐसे कट्टे मिले हैं जिन पर योजना का नाम ही अंकित नहीं है मिल रहे हैं। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिकारी नए कट्टों की खरीद के लिए धनराशि निकालते हैं, लेकिन मौके पर चावल जिन कट्टों में मिल रहा है वह पुराने हैं। नए व पुराने कट्टों के दामों में भी काफी अंतर है। यानि कट्टे खरीदने में भी गड़बड़ी सामने आ रही है। हालांकि यह बात जांच से ही पता चल सकेगी कि कट्टे खरीदने के लिए कितनी धनराशि निकाली गई। चूंकि दोनों योजनाओं के चावल के दामों में फर्क है और दोनों योजनाओं के चावल एक ही ढेर में लगे थे इसलिए यह भी संदेह हो रहा है कि अधिकारी दोनों योजनाओं में एक फर्क ही नहीं महसूस कर रहे थे। गैर मार्का कट्टे मिलने से यह माना जा रहा है कि यह कट्टे भी बदले गए होंगे। एसआईटी की जांच में काफी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। चावल की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि स्टेट पूल में सरकार जो धान खरीद कर चीनी मिलों को देती है उसकी गुणवत्ता पहले ही परखी जाती है फिर चावल की गुणवत्ता क्यों खराब है।

टीडीसी बीज घोटाले में अभिलेख हासिल करने को रिमाइंडर

रुद्रपुर। टीडीसी में हुए बीज घोटाले में जांच कर रही एसआईटी को अभी टीडीसी से अभिलेख प्राप्त नहीं हुए हैं। इस संबंध में एसआईटी ने टीडीसी के प्रबंध निदेशक को रिमाइंडर भेजा जा रहा है। घोटाले से संबंधित अभिलेख हासिल करने के बाद ही एसआईटी जांच को आगे बढ़ाएगी। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने पूर्व में एमडी से बीज घोटाले से जुड़े सारे अभिलेख तलब किए थे, मगर अभी तक एसआईटी को घोटाले से जुड़े अभिलेख नहीं सौंपे गए हैं, जिससे जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
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