शिक्षिका को चेक बाउंस के मामले में एक साल की सजा

कोटद्वार में चेक बाउंस संबंधी एक मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक शिक्षिका को एक साल के सश्रम कारावास व डेढ़ लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। वादी पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि ग्राम सिम्मलचैड़ निवासी लक्ष्मी भारती ने मई 2014 में अपने पुत्र की शादी के लिए ग्राम बालासौड़ स्थित एक रिजार्ट की बुकिंग करवाई। बताया कि विवाह के उपरांत से लक्ष्मी देवी ने रिजार्ट संचालक को दो लाख 2 हजार की धनराशि का भुगतान नहीं किया।

कई बार बोलने के बाद लक्ष्मी ने 30 मई 2014 को उक्त धनराशि के दो चेक दिए, लेकिन जिस खाते के चेक दिए गए, उसमें धनराशि न होने के कारण चेक कैश नहीं हो पाए। रिजार्ट संचालक ने इस संबंध में महिला को बताया तो उन्होंने जून में चेक लगाने की बात कही, लेकिन जून में भी चेक क्लीयर नहीं हो पाए। बाद में रिजार्ट संचालक ने न्यायालय की शरण ली।

अधिवक्ता धर्मदीप ने बताया कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही थी, जहां गुरुवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भवदीप रावते ने लक्ष्मी को 138 चेक परक्राम्य विलेख अधिनियम में दोषी पाते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही डेढ़ लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की धनराशि बतौर प्रतिकर वादी को दी जाएगी। बताया कि जुर्माना अदा न करने पर लक्ष्मी को तीन माह का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।

Facebook Comments

Random Posts