उत्तराखंड में अस्थायी कर्मचारी होंगे नियमित

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राज्य में दैनिक वेतनभोगी, कार्यप्रभारित, नियत वेतन व संविदा कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है, राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कार्मिक महकमे की संशोधित नियमितीकरण नियमावली को मंजूरी दी गई है, संशोधित नियमावली के मुताबिक 31 दिसंबर, 2011 तक सेवा में लगे उक्त कर्मचारियों को पांच साल की सेवा पर नियमित किया जा सकेगा।

इससे करीब सात हजार कर्मचारियों को फायदा होगा। मंत्रिमंडल ने नियमितीकरण के लिए पांच साल की अवधि में कमी नहीं की है। यानि कि इन कर्मचारियों के नियमितीकरण की कार्यवाही अब अगली सरकार ही कर सकेगी। वहीं सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को हटाना अब मुमकिन नहीं होगा। उनके लिए अल्पकालिक शिक्षक भर्ती सेवा नियमावली पर मुहर लगा दी गई। नियमित नियुक्ति में अतिथि शिक्षकों को अधिमान दिया जाएगा।

विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही सरकार ने लोक-लुभावन फैसलों की झड़ी लगा दी है, इसी कड़ी में उत्तराखंड में अस्थाई कर्मचारियों और शिक्षकों के नियमितीकरण के बंदोबस्त के साथ ही पूर्व सैनिकों व अर्द्धसैनिकों को कैंटीन से अब शराब सस्ती दरों पर मिलेगी। वहीं उत्तराखंड के गन्ना किसानों को राहत दी गई है। बुधवार को सचिवालय में देर रात्रि तक चली हरीश रावत मंत्रिमंडल की बैठक में तकरीबन 32 बिंदुओं पर फैसले लिए गए। नए मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने पहली बार मंत्रिमंडल के फैसलों को ब्रीफ किया।

अतिथि शिक्षकों को लाभ देने के लिए अल्पकालिक शिक्षक सेवा भर्ती नियमावली के साथ ही उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा प्रवक्ता संवर्ग सेवा नियमावली और उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी सेवा नियमावली में संशोधन को भी हरी झंडी दिखाई गई। इन संशोधनों के बाद एलटी और प्रवक्ता के रिक्त पदों पर कार्यरत अतिथि शिक्षकों के रोजगार पर खतरा नहीं मंडराएगा। नियमित नियुक्ति होने पर उन्हें वरीयता अंक दिए जाएंगे।

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