छठे टफिसा विश्व खेलों में भारत ने कुश्ती में जीते चार पदक

kushti500

भारत ने इंडोनेशिया की राजधानी जर्काता में हुए छठे टफिसा विश्व खेलों में कुश्ती में चार पदक अपने नाम किए। भारत ने एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य सहित चार पदक अपनी झोली में डाले। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति आइओसी से मान्यता प्राप्त टफिसा विश्व खेलों में सभी तरह के खेलों की स्पर्धाएं खेली गई। ट्रेडिशनल रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नौ सदस्यीय भारतीय कुश्ती टीम को इन खेलों में हिस्सा लेने के लिए भेजा था। भारत को स्वर्ण पदक पहलवान डालमिया ने दिलाया। डालमिया ने 60 किग्रा में अजरबैजान के मुहम्मद साहन को 4-1 से शिकस्त देकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।

स्वर्ण पदक जीतने के बाद डालमिया ने कहा कि मैं स्वर्ण जीतकर बहुत खुश हूं। अजरबैजान के पहलवान अच्छे होते है, लेकिन यह मेरा दिन था इसलिए पदक जीतने में सफल रहा। मैंने पदक जीतने के लिए काफी मेहनत की थी जिसका नतीजा मुझे मिला। भारतीय पहलवान विकास कुमार ने 70 किग्रा में अच्छी शुरुआत करते हुए मंगोलिया के पहलवान को 5-2 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई थी, लेकिन लड़ते समय उनकी पसली में चोट लग गई जिस कारण वह आगे नहीं लड़ पाए।

वहीं इस दल के सबसे अनुभवी भारतीय पहलवान लव सिंह ने देश को निराश नहीं किया और 80 किग्रा में ईरान के मुहम्मद काशीफ को 5-3 से हराया। इसके बाद उन्होंने बेलारूस के जॉर्डन को 8-6 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। लव फाइनल मैच में अजरबैजान के मुहम्मद आलीम से 1-5 से कड़े संघर्ष के बाद हार गए। लव ने देश को रजत पदक दिलाया।

पहलवान लव सिंह ने दूसरी बार इन खेलों में हिस्सा लिया। लव ने 2012 लिथुआनिया में हुए इन खेलों में हिस्सा लिया था लेकिन वह पदक जीतने से चूक गए थे। लव ने कहा मैं दुखी हूं कि स्वर्ण पदक जीतने के इतने करीब आने के बाद मैं जीतने से चूक गया। मैं स्वर्ण जीत सकता था। लेकिन यह खेल का हिस्सा होता है। आलीम ने अच्छा खेला। पिछली बार पदक नहीं जीत पाया था तो रजत मिलने से थोड़ा अच्छा लगा।

भारत के कोच सम्राट सिंह ने कहा कि हमारे पहलवानों ने अच्छा प्रदर्शन किया और हम चार पदक जीतने में सफल रहे। हमने छह पदक जीतने का लक्ष्य का बनाया था लेकिन हम इस प्रदर्शन से भी खुश हैं। विकास भी पदक का दावेदार था लेकिन दुभार्ग्यवश वह चोटिल हो गया। पहले के मुकाबले इस बार टीम ज्यादा मजबूत थी।
भारतीय पहलवान नवीन कुमार ने 90 किग्रा में लिथुआनिया के पहलवान ओलगसुकघ को 5-2 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। 90 से अधिक सुपर हेवीवेट में भारतीय पहलवान जोसिल ने अफगानिस्तान के मुस्तफा उतर सुल्तानी पहलवान को 3कृ1 से हराकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

भारत अंक तालिका में कुश्ती में अफगानिस्तान के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर रहा। पहले पर इरान और दूसरे पर अजरबैजान को स्थान हासिल हुआ। इससे पहले भारत ने 2008 दक्षिण कोरिया और 2012 लिथुआनिया में भी हिस्सा लिया था लेकिन भारतीय टीम एक भी पदक नहीं जीत पाई थी। अगले टफिसा विश्व खेल 2020 में पुर्तगाल के शहर लिस्बन में होंगे। इन खेलों में भारत सहित 110 देशों ने हिस्सा लिया।

Facebook Comments

Random Posts