चेन स्नाचिंग से बचने का पुलिस ने बताया आनोखा तरीका, पढ़ कर आप रह जाएँगे….

0

रुद्रपुर/  खुद को मित्र पुलिस का तमगा देने वाली उत्तराखंड पुलिस अपने बेतुके बयान से एक बार फिर चर्चा मे है एक चेन स्नाचिंग की शिकायत पर मित्र पुलिस ने उल्टा महिला पीड़ित को दोषी बताते हुए एक अटपटी सलाह दे डाली जिससे मित्र पुलिस की खासी किरकिरी हो रही है घटना  अटरिया मेले में जहां पर बदमाश सक्रिय हैं वहीं पुलिस निष्क्रिय है। बदमाशों ने मेले में आई महिला श्रद्धालु की करीब 45 हजार रुपये कीमत की सोने की चेन खींच ली। पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन मेले में मौजूद पुलिस ने महिला की मदद करने के बजाये उसे नसीहत दी कि उसे चेन पहन कर मेले में आना ही नहीं चाहिए था। पुलिस की इस बेतुकी नसीहत से पीडित महिला मायूस है। उसका कहना है कि जो पुलिस इस तरह की नसीहत दे रही है उसे पुलिस महकमें में रहने का ही अधिकार नहीं है।  पुलिस कप्तान सदानंद दाते ने दो दिन पहले ही पुलिस को अपराधियों पर शिकंजा कसने की नसीहत दी थी। उनकी नसीहत का असर यह हुआ कि पंतनगर पुलिस लोगों को अपनी खुद सुरक्षा करने की नसीहत देने लगी। महानगर के रम्पुरा निवासी दुलारी देवी पत्नी स्व.सुंदरलाल सोमवार को अटरिया मंदिर प्रसाद चढ़ाने गई थी। वह मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद मंदिर से बाहर आई तो बदमाश ने भीड़ के बीच घुसकर दुलारी देवी के गले से सोने की चेन खींच ली। दुलारी को गले से सोने की चेन खिचने का जब अहसास हुआ तो उसने शोर मचाया। मेले में मौजूद पुलिस से तक शिकायत पहुंचाई गई। पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार करने के बजाये महिला को ही नसीहत देना शुरू कर दिया। दुलारी देवी के बेटे का कहना है कि पुलिस ने कोई मदद नहीं की है। हालांकि मंगलवार को महिला का बेटा एफआईआर लिखाने के लिए सिडकुल पुलिस चौकी पहुंचा। पुलिस को तहरीरदी। अटरिया मेले में महिला के गले से सोने की चेन खींचे जाने की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पंतनगर पुलिस ने बदले में पोस्ट डाली कि लोगों को अपनी केयर खुद करनी चाहिए। पुलिस की यह बेतुकी पोस्ट पढने के बाद महिला और उसके बेटे का कहना है कि पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाये शर्मनाक पोस्ट डालकर साबित कर दिया कि उत्तराखंड पुलिस में नकारा कर्मचारियों की कमी नहीं है। ऐसे नकारा कर्मचारियों को पुलिस में रहने का हक ही नहीं है ।

Facebook Comments

Random Posts