जनता दरबार है या मजाक!

देवभूमि उत्तराखण्ड में बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में लगा तो जनता दरबार था, लेकिन जनता की जगह यहां तो मंत्रियों के समर्थकों का हुजूम रहता है. दरअसल, फरियादी जनता के लिए लगी कुर्सियां इस कदर खाली थीं कि लग रहा था कि बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में लगने वाले जनता दरबार में अब मंत्रियों को जनता का इंतजार है.

जनता दरबार में जनता की कमी को लेकर मंत्री अपने हाथ झाड़ लेते हैं. शिकायतें सुनने के लिए बैठे समाज कल्याण और परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि उनका काम जनता की समसयाओं को सुनना है. शिकायतकर्ताओं की अनुपस्थिति के सवाल को टालते हुए यशपाल आर्य कहते हैं कि वह यहां लोगों की समस्यों के निदान के लिए अधिकारियों को निर्देश देने के लिए बैठते हैं.

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के विभागों में इंटरनल जांच और विशेष ओडिट कराने के निर्देश को लेकर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कहा की राज्य सरकार की कोशिश है कि विभागों में पारदर्शिता बनी रहे. जहां कमिया हुई हैं, उनमें सुधार लाया जा सके.

 

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