बाघ ने हमला कर बहू और ससुर को मौत के घाट उतारा

0

तराई पश्चिम वन विभाग के बैलपड़ाव रेंज में एक बाघ ने दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया। हमला करने के बाद बाघ दोनों शवों के पास रहा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघ को भगाने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग भी की लेकिन वह नहीं भागा।

बतादें कि बैलपड़ाव क्षेत्र के कादिराबाद गांव निवासी भगवती (33 वर्ष) कुछ महिलाओं के साथ सुबह करीब नौ बजे जंगल में लकड़ी बीनने गई थी कि बाघ ने अचानक पीछे से भगवती पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर ले गया। उसके साथ गई महिलाओं ने जब इसकी सूचना ग्रामीणों को दी तो वे ढोल नगाड़े बजाते हो हल्ला करते हुए जंगल की ओर दौड़ पड़े। इसी बीच बाघ ने ग्रामीणों पर भी हमला बोल दिया और नदी में चुगान का कार्य करने वाले लखपत को भी घसीट कर ले गया। बाघ के हमले से दहशत में आए ग्रामीण वहां से भाग खड़े हुए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे बैलपड़ाव रेंज अधिकारी शेखर तिवारी और एसडीओ बलवंत सिंह शाही ने डीएफ ओ तराई पश्चिमी कहकशा नसीम को इसकी सूचना दी। इसके बाद वनकर्मी बंद जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे तो बाघ ने उनपर भी हमले की कोशिश की। उसके बाद वनकर्मियों ने कई राउंड हवाई फायरिंग भी की लेकिन बाघ टस से मस न हो सका। जिसके बाद वनकर्मी वापस लौट आए। वन कर्मियों ने बताया कि बाघ घायल है और काफी गुस्से में है। इसीलिए वनकर्मी भी मौके पर जाने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। फिलहाल वनकर्मियों ने ग्रामीणों से घटनास्थल के आसपास जुटे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। साथ वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार कर रही है। डीएफ ओ कहकशा नसीम के मुताबिक नैनीताल से रेस्क्यू टीम बुलाई गयी है जिससे बाघ को ट्रैंकुलर किया जाएगा। दोनों मृतक ससुर और बहु हैं तथा नदी में चुगान का कार्य करते हैं। बताया जाता है कि आज नदी में छुट्टी का दिन होने की वजह से वह सुबह ही लकड़ी लेने जंगल चली गयी थी कि बाघ ने उसपर अचानक से हमला बोल दिया। इस दौरान तराई पश्चिमी वन प्रभाग की पूरी टीम रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ नेहा वर्मा, एसआई विपिन जोशी, सिपाही गणेश व कालाढूंगी के एसओ कमल हसन आदि सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

Facebook Comments

Random Posts