ट्रेन के सामने आए दो युवा हाथी, हुआ…….

 

 

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रुद्रपुर। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने सेे दो युवा हाथियों की दर्दनाक मौत हो गई। इससे वन विभाग में हडकंप मच गया है। यह
घटना विभाग की कार्यशैली पर सवाल भी खडा कर रही है। आखिर तक तक वन विभाग की लापरवाही गजराज पर भारी पडती रहेगी। सवाल यह भी है कि इन घटनाओं पर वन्यजीव विशेषज्ञ क्यों मौन साध लेते हैं और वन विभाग की ताल में अपना सुर बदल देते हैं।
सुबह हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली-रानीखेत एक्सप्रेस से टकराने से दो युवा हाथियों की दर्दनाक मौत हो गई। वन विभाग के टंाडा रेंज के रेंजर के अनुसार दोनों हाथी नर थे और उनकी उम्र दो से तीन साल की बताई जा रही है। जानकारों की माने तो हर वर्ष गर्मी बढने से वन क्षेत्र एंव आसपास के इलाकों में हाथी की आवाजाही अचानक बढ जाती है। वे पानी की तलाश में दूर तक निकल जाते हैं। कभी-कभी तो हाथी एंव अन्य वन्यजीव अपनी प्यास बुझाने के लिए आबादी क्षेत्र तक पहुंच जाते हैं।
दूसरी ओर वन विभाग दावा करता है कि गर्मी शुरु होने से पहले वन क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा जगाहों पर पानी के अस्थाई कुंड बनवाए जाते हैं तथा रोजाना इन कुंड पर पानी भरा जाता है। सवाल तब और भी गंभीर हो जाता है जब दावे ऐसे हों। कया कारण है कि हाथी को पानी की तलाश में आबादी क्षेत्र में जाना पडता है। वन विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है । सूत्रों की माने तो हर वर्ष इन अस्थाई पानी के कुंड एंव इनके रखरखाव के नाम पर लाखों रुपयों को ठिकाने लगाया जाता है।

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