उत्तराखंड पोर्टल पालिसी मैं हुआ बड़ा खेल ?पढ़िए किसने किया खेल

 

शिव प्रसाद  सती देहरादून 

जब कोई राज्य बनता है ?तो पालिसी राज्य हित मैं ही बनती हैं ?2015 मैं उत्तराखंड पोर्टल पालिसी अस्तित्व मैं आई पोर्टल पालिसी का मकसद था राज्य के पत्रकारों को रोजगार  देने व काम का हरीश रावत के मुख्मंत्री रहते हुए पालिसी का गठन हुआ ?२०१४ मैं उत्तराखंड मैं गिने चुने पोर्टल होते थे ?लेकिन सबको लगा  विज्ञापन मिलेगा तो पोर्टलों की बढ़ सी आ गई ,कहते हैं जब पैसा दीखता है खेल सुरु होता है ?और खेल सुरु हो गया आज उस खेल को प्रदाफाश कर रहे हैं ,और पालिसी बनी ?और पालिसी अस्तित्व मैं आई,जिसमें पहली बार टेंडर प्रकिया कर 31 पोर्टल सूचीबद्ध हो गये जबकि टेंडर की अवधि १ साल के लिए ही मान्य होती है लेकिन पोर्टल वालो के साथ ढेड साल का अनुबंध किया गया किसकी अवधि मार्च २०१८ तक थी ?लेकिन खेल रच दिया गया और 5 माह पहले ही टेंडर प्रकिया कर दी गयी ?

उप निदेशक नितिन उपाध्याय का त्रिवेन्द्र  रावत  के  साथ  चित्र  डेमो 

जबकि पोर्टल की समयसीमा मार्च तक वैध है लेकिन सुचना महानिदेशक पंकज पांडे और उप निदेशक नितिन उपाध्याय ने 5 माह पहले टेंडर प्रकिया कर खेल सुरु कर दिया ?अब आपको बताते हैं पालिसी मैं क्या था ?की पत्रकार उत्तराखंड से हो ,डोमन रजिस्टर उत्तराखंड से हो उसका कार्यालय देहरादून मैं हो ,लेकिन पालिसी बनी राज्यहित मैं न बनकर उप निदेशक नितिन उपाध्याय ने खेल रचना सुरु कर दिया और सुचना मैं पहाड़वाद और मैदान का खेल रचकर कई गुटों मैं बाँट कर खेल सुरु कर दिया मामला पत्रकारों को बाँटने से सुरु हुआ और जुगाड़ से कमाई के जरिये से देखा जाने लगा सारा खेल विज्ञापन का था कैसे सेटिंग हो और किस तरह खेल सुरु हो ?जब ढेड साल तक पोर्टल सूचीबद्ध थे तो 5 महीने पहले पंकज पाण्डेय के साथ खेल सुरु कर दिया ?मुख्यमंत्री त्रिवेद्र रावत को बताया गया की ये पत्रकार सरकार विरोधी ख़बरें लिखते हैं इन पर रोक कैसे लगेगी ?
       उप निदेशक नितिन उपाध्याय और पंकज पाण्डेय ने खेल रचा और 5 मार्च महीने पहले टेंडर निकाल दिए ?नियम कानून को ताक पर रखते हुए पूरा खेल खेला गया और नयी टेंडर प्रकिया सुरु कर दी गयी ?और मानकों मैं थोड़ी बदलाव कर टेंडर निकाल दिए पिछले साल की भांति इस टेंडर प्रकिया मैं भाग लेने 95 लोग आये?जबकि पिछले टेंडर जो की मार्च 2018 तक अनुबंधित थे ?यहीं से सारा खेल सुरु हुआ और 55लोग सूचीबद्ध कर दिए गए ?शंखनाद टुडे ने देहरादून मैं पड़ताल की तो मानव संसाधन मैं फर्जीवाडा पाया गया ,खेल यहीं नहीं रुका जबकि पालिसी मैं साफ है कार्यालय देहरादून मैं होने चाहिए लेकिन कुछ कार्यालय हल्द्वानी ,उत्तरकाशी,हरिद्वार और ऋषिकेश पाए गए ?जब हमने खबर की तह तक जाने की कोशिश की तो पता चला कहानी कुछ और है हम फिर खबर पर काम करते रहे ?हमने सुचना महानिदेशक पंकज पांडे के नाम एक पत्र भी और फ़ोन पर भी बात की तो हमें कहा गया ठीक है आप लोग 2018 तक अनुबंधित रहेंगे ?
          लेकिन खेल कुछ और ही खेल दिया गया ?पोर्टलो मैं खेल सुरु हुआ और 55 पोर्टलों  को सूचीबद्ध  कर  दिया  गया  ? नियम कानून को ताक पर रखते हुए खेल -खेला गया सारे खेल मैं  उप निदेशक नितिन उपाध्याय की  भूमिका  परसवाल  खड़े  कर  दिए  गए  हैं ? कई बार फ़ोन करने व लिखित रुप से दिया गया पत्र का जबाब न तो सुचना महानिदेशक पंकज पांडे बता पा रहे हैं और न ही उप निदेशक नितिन उपाध्याय?शंखनाद टुडे की पड़ताल  मैं पाया गया है पोर्टल पालिसी मैं विज्ञापन मैं अधिकारीयों की शांठ-गांठ होने की आशंका जताई जा रही है ? सुचना विभाग के अधिकारीयों पर भी पहले भी  आरोप लगते रहे हैं ?की विज्ञापन मैं कमिसन पर आरोप लगते रहे हैं ? जबकि मुख्यमंत्री के संज्ञान मैं भी मामला है ?देखना ही खेल कब तक जारी रहेगा या  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत अपने बयान जीरो टोलरेंस पर कारवाही करेंगे यह अभी  भविष्य  के  गर्व  मैं  है ?
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