मोदी जी लोकपाल कब ला रहे हो – या धरना दूँ अन्ना हजारे

 

सत्ता में आने से पहले आपने आश्वासन दिया था कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाएंगे. हालांकि आप 3 साल से लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ती नहीं कर सके. सुप्रीम कोर्ट ने भी आपकी सरकार को बार-बार फटकार लगाई है.

समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर से आंदोलन के मूड में हैं। अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार तीन सालों से सत्ता में है, लेकिन अभी तक लोकपालबिल नहीं लाई। अन्ना हजारे मे लोकपाल बिल ना लाने पर मोदी सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की धमकी दी है।पीएम मोदी को लिखे लेटर में अन्ना हजारे ने कहा है कि तीन सालों से मैं आपकी सरकार से लोकपाल लाने और किसानों के कल्याण के लिए लोकायुक्त की नियुक्ति करने के लिए कह रहा हूं। भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए किए गए आंदोलन को अब छह साल हो चुके है। लेकिन अभी तक सरकार ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कोई भी मसौदा नहीं बनाया है। आपने भी मेरे खतों का जवाब नहीं दिया और न ही कोई कार्रवाई की।

अन्ना हजारे ने कि वो स्वामीनाथन कमिशन रिपोर्ट को लागू करने की भी मांग की है। जिसमें फूड सिक्योरिटी और किसान कल्याण को लेकर जोर दिया गया है। अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में साफ कहा है कि वो जल्द ही रामलीला मैदान में अनशन पर बैठेंगे। आंदोलन को लेकर तारीख का एलान जल्दी ही किया जाएगा।

आपको बता दें कि अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत को बनाने के लिए 2011 में रामलीला मैदान में आंदोलन किया था। इसके बाद 27 अगस्त 2011 के दिन भारतीय संसद में ‘Sense of the House’ से रिज्युलेशन पास किया गया था। जिसमें केंद्र में लोकपाल, हर राज्यों में लोकायुक्त और सिटिजन चार्टर ऐसे महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर जल्द से जल्द कानून बनाने का निर्णय किया गया था। इसके बाद अन्ना हजारे ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। अन्ना हजारे के आंदोलन को हुए 6 साल का वक्त गुजर चुका है।

समाजसेवी  अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखकर भ्रष्टाचार और किसानों की समस्‍याओं पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. हालांकि लेटर का जवाब नहीं मिलने पर अब अन्‍ना ने आंदोलन करने का फैसला लिया है.अन्‍ना ने लेटर में लिखा था कि छह साल बाद भी भ्रष्टाचार को रोकने वाले एक भी कानून पर अमल नहीं हो पाया. लोकपाल, लोकायुक्त की नियुक्ति करने वाले और भ्रष्टाचार को रोकनेवाले सभी सशक्त बिलों पर सरकार सुस्ती दिखा रही है. किसानों की समस्याओं को लेकर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर भी अमल नहीं किया जा रहा है.अन्ना हजारे ने पिछले तीन सालों में कई बार पत्र लिखने का जिक्र भी किया, लेकिन पीएमओ से कोई जवाब नहीं मिला. इतना ही नहीं ना कभी मन की बात में लोकपाल और लोकायुक्त का जिक्र किया गया. उन्होंने लिखा है कि सत्ता में आने से पहले आपने आश्वासन दिया था कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाएंगे. हालांकि आप 3 साल से लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ती नहीं कर सके. सुप्रीम कोर्ट ने भी आपकी सरकार को बार-बार फटकार लगाई है. मोदी ने कहा कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं, वहां भी नये कानून के तहत लोकायुक्त नियुक्त नहीं किए गये हैं. इससे ये साफ है कि आप लोकपाल, लोकायुक्त कानून पर अमल करने के लिए इच्छाशक्ति नहीं दिखा रहे हैं.अन्ना हजारे ने देश में लगातार किसानों की आत्महत्या का भी जिक्र किया है.

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