फेक्टरी मालिक ने लगाई मंत्री हरक सिंह की क्लास …होता कौन है पूछने वाला

 

आखिर लोग समस्या  लेकर  आएंगे ?एक मामला सामने  आया  को काम करवाने  के बजाय मंत्री हरक सिंह  ने फैक्ट्री  मैं  जाँच  करने   की बात  कर डाली ?क्या आपका प्रदूषण  का लायसेंस ठीक  है ?लेबर कमिश्नर  जी  देखिये ?इससे पता चलता  है हमारे नेता कितने  विजनरी  हैं ?

सवाल इसी बात  की हो रही है  बीजेपी  कार्यालय से सरकार  क्योँ चल रही है आखिर लोग समस्या  लेकर  आएंगे ?एक मामला सामने  आया  को काम करवाने  के बजाय मंत्री हरक सिंह  ने फैक्ट्री  मैं  ताला लगवाने  की बात  कर डाली ?क्या आपका प्रदूषण  का लायसेंस ठीक  है ?लेबर कमिश्नर  जी  देखिये ?इससे पता चलता  है हमारे नेता कितने  विजनरी  हैं ?जब आप सरकार  मैं  तव ये हालात  है लोग अपनी समस्या  लेकर आ  रहे हैं ?और आप अपनी पूरी धौंस  के साथ फैक्ट्री पर ताला  लगवाने  पर तुले  हो आखिर  क्योँ ?जब समस्या का समाधान नही है  तो मत  जनता  को  बुलाएँ ?जानकारी के अनुसार सेलाकुई में स्थित शेरॉन बायो मेडिसिन कंपनी में काम करने वाले वासुदेव जखमोला मंगलवार को बीजेपी ऑफ़िस में हरक सिंह रावत के जनता दरबार में पहुंचे। उन्होंने मंत्री को बताया कि वह पिछले आठ सालों से शेरॉन बायो मेडिसिन लिमिटेड में बतौर सीनियर मैनेजर काम कर रहे थे। बीती 17 जुलाई को उन्हें बिना वाजिब कारण बताए नौकरी से निकाल दिया गया।

इसके बाद वासुदेव लगातार कंपनी से बकाया भुगतान और एक्सपीरियंस सर्टिफ़िकेट के लिए संपर्क करते रहे लेकिन उन्हें यह नहीं मिला। उन्होंने कंपनी को कई लीगल नोटिस भी दिए लेकिन कंपनी ने उनका भी जवाब नहीं दिया।

 

वासुदेव की बात सुनने के बाद मंत्री हरक सिंह रावत ने कंपनी के प्रबंध निदेशक से बात करनी चाही और इसके लिए उनके निजी सचिव ने तीन बार फ़ोन मिलाया लेकिन तीनों बार उनका फ़ोन एमडी के मीटिंग में होने की बात कहकर काट दिया गया।

चौथी बार मंत्री की बात एमडी से हुई और उन्होंने इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा तो एमडी ने यह कहकर फ़ोन काट दिया कि ‘तू होता कौन है पूछने वाला’।

इतना सुनना था कि हरक सिंह रावत का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल श्रमायुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कंपनी की जांच के आदेश दिए हैं।  हरक सिंह रावत का कहना था कि उन्हें पहले भी श्रमिकों ने शिकायत की है कि फ़ैक्ट्री में नियमों के विरुद्ध 12-15 घंटे तक काम करवाया जाता है और स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि यह दवा फ़ैक्ट्री क्षेत्र में भारी प्रदूषण फैला रही है। इसलिए उन्होंने श्रम और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को जांच के आदेश देने साथ ही रिपोर्ट आने तक फ़ैक्ट्री को बंद करने के आदेश दिए हैं।

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