एक करोड़ खर्च करने के बाद भी नहीं बना महिला छात्रावास

लोहाघाट में नौ साल बाद भी राजकीय पालीटेक्निक का महिला छात्रावास भवन का निर्माण पूरा नहीं हो पाया, जबकि कार्यदायी संस्था भवन निर्माण में एक करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। भवन में न तो दरवाजे लगाए गए और न ही खिड ़कियां। इस अनदेखी के चलते छात्रावास अब खड़हर में तब्दील होने लगा है।

वर्ष 2008 में सरकार ने पेयजल निर्माण निगम कार्यदायी संस्था को छमनिया चैड़ स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में महिला छात्रावास भवन निर्माण का कार्य सौंप दिया। कार्यदायी संस्था ने एक करोड़ रुपये खर्च कर वर्ष 2014 तक भवन तो बना दिया, लेकिन भवन में डेंटिंग-पेटिंग सहित दरवाजे व खिड़कियां नहीं लगे हैं। इसके चलते भवन कॉलेज प्रशासन को हैंडओवर नहीं हो पाया। वर्ष 2014 में भवन बनने के बाद किसी ने भी उसकी सुध तक नहीं ली।

छात्रावास भवन बनाने के लिए कार्यदायी संस्था को 2008 में काम सौंप दिया गया था लेकिन उसने दो साल केवल खंभे को शिफ्ट करने में लगा दिए। उसके बाद भवन के रेट बढ़ गए। इसके बाद कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम ने दुबारा आगणन कर सरकार को पत्र भेजा गया। इसमें 52.58 लाख रुपये भवन तैयार करने को देने की मांग की गई थी। लेकिन सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होने से मामला अधर में लटक कर रह गया है।

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