योगी आदित्यनाथ सरकार ने जारी किया अपना ‘रिपोर्ट कार्ड’

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लखनऊ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपनी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल का ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश किया और कहा कि एकात्म मानव समाज के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय के सपने को साकार करने की दिशा में इन 100 दिनों की कार्यावधि एक प्रभावी पहल है और इसके सकारात्मक परिणाम दिखायी देने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जनता ने केन्द्र की उपलब्धियों और पार्टी की नीतियों पर भरोसा करते हुए भाजपा को गत विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक बहुमत दिया। परिवर्तन, विकास और गरीबों के सशक्तीकरण के लिये गत 19 मार्च को शपथग्रहण करने वाली इस सरकार का मात्र 100 दिन छोटा सा कार्यकाल हुआ है। उसके सामने जो चुनौती थी, उसे हमने स्वीकार किया है। इन 100 दिनों की उपलब्धियों पर हमें संतोष का अनुभव हो रहा है। इन दिनों के कामकाज के सकारात्मक परिणाम दिखायी देने लगे हैं।उन्होंने कहा कि एकात्म मानव समाज के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय के सपने को साकार करने की दिशा में उनकी सरकार के 100 दिनों का कार्यकाल प्रभावी पहल है। वह प्रदेशवासियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि राज्य सरकार प्रदेश को विकास और खुशहाली के रास्ते पर तेजी से ले जाने के प्रभावी प्रयास शुरू कर चुकी है। अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिये सरकार ने भाजपा के लोककल्याण संकल्प पत्र के वादों को पूरा करने की दिशा में अहम निर्णय लिये हैं।योगी ने प्रदेश के पिछड़ेपन का ठीकरा पूर्ववर्ती सपा और बसपा की सरकारों के सिर फोड़ते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि विगत 14-15 वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश काफी पिछड़ गया था। अन्य दलों की सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और परिवारवाद के साथ बदहाल कानून-वयवस्था ने जनता का भारी नुकसान किया। हमने जनता के कल्याण के लिये अविलम्ब प्रभावी कार्रवाई शुरू की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प का अनुसरण कर रही है। इसके लिये शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की गयी है। आवास, सड़क, पेयजल तथा शौचालय जैसी मूलभूत सेवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ कानून-व्यवस्था के लिये सरकार सजग है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2017 को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है। हर साल 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के रूप में मनाने का निर्णय भी लिया है। योगी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार सुशासन के जरिये विकास के पथ पर प्रदेश को अग्रसर करने पर गम्भीरता से काम रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था मूलत: खेती पर आधारित है। किसान की खुशहाली के बिना प्रगति की बात बेमानी है। उनकी सरकार ने किसानों को खाद, बीज के साथ अन्य चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करायी है। सरकार ने पांच हजार से अधिक गेहूं क्रय केन्द्र बनाये और पिछले साल के मुकाबले चार गुना गेहूं की खरीद की है। अब तक गन्ना किसानों का 22517 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश के 86 लाख लघु एवं सीमान्त किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने का निर्णय किया है। इसके लिये 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योगी ने कहा कि राज्य की खनन प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण चली आ रही थी। हमने नयी खनन नीति लागू की है। सरकार ने एक लाख 21 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त किया है। सभी जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों तथा बुंदेलखण्ड को 20 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली दी जा रही है। सरकार ने केन्द्र के साथ ‘पावर फार आल’ अनुबंध पर हस्ताक्षर किये हैं। प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर भी विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की है। साथ ही बीपीएल परिवारों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन देने का फैसला किया गया है।योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच अन्तरराज्यीय परिवहन समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। इससे सड़क परिवहन सुगम होगा। कैलाश मानसरोवार की अनुदान राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये की गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को माफिया, गुंडा तथा भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया है। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स गठित की गयी है, जिसके जरिये 5891 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि मुक्त करायी गई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें समान अवसर देने के प्रयास कर रही है। कोई कसर बाकी नहीं रखी गयी है। सरकार ने एंटी रोमियो स्कवाड का गठन किया, जिससे महिलाएं पहले से सुरक्षित महसूस कर रही हैं। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिये योजना शुरू की गई है। जेवर में अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सैद्धांतिक सहमति दे दी गयी है। योगी ने कहा कि उनकी सरकार स्वच्छ भारत अभियान में सहभागिता सुनिश्चित कर रही है। अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कराने का लक्ष्य है।

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